सरकारी स्कालरशिप मिलने वालों की लिस्ट में आया भाजपा नेता की बेटी का नाम, उठे सवाल… जानिये पूरा मामला

मुंबई: महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बडोले की बेटी का नाम विदेश में हायर एजुकेशन के लिए सरकारी स्कालरशिप मिले वाले के लाभार्थियों की लिस्ट में शुमार है। ये छात्र भारत से सरकारी स्कालरशिप पर विदेश में पढ़ते हैं। ये लिस्ट को मिनिस्ट्री ऑफ हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन ने 4 सितंबर को जारी किया था।

इसमें छात्र को इकॉनोमी क्लास का फ्लाइट का रिटर्न टिकट, पूरी फीस और अन्य भत्ते दिए जाते हैं। इस लिस्ट में बीजेपी नेता राजकुमार बडोले की बेटी श्रुति का भी नाम आया है जोकि ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स में 3 साल का पीएचडी कोर्स कर रही हैं। इसके अलावा राज्य के दो उच्चस्तरीय नौकरशाहों के बेटों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।

हालंकि बीजेपी मंत्री बड़ोले इस मामले से कुछ भी सफाई देने से कन्नी काट रहे हैं। बड़ोले का कहना है कि उनकी बेटी को स्कालरशिप मिलने में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘यह सच है कि मेरी बेटी ने आवेदन किया था और वह छात्रवृत्ति के लिए चयनित हुई है। हालांकि, मैंने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई। मैं चयन समिति तक में शामिल नहीं था।’
न्यायमंत्री की बेटी को स्कॉलरशिप का लाभ मिलना ये दर्शाता है जरुरतमंद छात्रों के खिलाफ अन्याय हो रहा है।

आपको बता दें की अनुसूचित जाति के छात्रों को विदेश में हायर एजुकेशन के लिए दिए जानेवाले स्कॉलरशिप के कुछ नियम होते हैं, जैसे उस छात्र का परिवार और वह छात्र खुद नौकरी कर रहा। उनकी सालाना आमदन 6 लाख से ज्यादा न हो।

वह छत्र एसटी और नवबौद्ध समाज का महाराष्ट्र के निवासी होना चाहिए। छात्र को राज्य और केंद्र सरकार की स्कॉलरशिप नहीं मिली होनी चाहिए। उसकी उम्र कम से कम 35 साल और पीएचडी के लिए 40 साल होनी चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55 प्रतिशत मार्क्स होने जरूरी हैं। स्कॉलरशिप मिलने के बाद छात्र देश की सेवा करेगा। ऐसा पत्र विद्यार्थी को देना होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.