सऊदी अरब का बड़ा कदम,इससे मिडल ईस्ट में बदल जायेगा शक्ति का संतुलन

November 7, 2018 by No Comments

सोमवार का दिन सऊदी अरब के लिए ऐतिहासिक रहा,देश के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सोमवार को देश के पहले न्यूक्लियर रिसर्च रिएक्टर की आधारशीला रखी.सऊदी सरकार का कहना है कि उसकी उर्जा जरूरते बढ़ी है.इसलिए नए विकल्पों पर विचार किया अज रहा है.हलाकि सऊदी अरब के मुखालिफ देशो में इस बात का अंदेशा है कि इन रियेक्टर को लगाने के बाद सऊदी अरब परमाणु शक्ति बनाने की कोशिश कर सकता है.
इस रियेक्टर के विषय में एक रोचक बात ये है कि सऊदी प्रेस एजेंसी ने रिसर्च रिएक्टर या नॉन पॉवर रिएक्टर के बारे में कोई जानकारी नही दी है. अभी ये साफ नहीं है कि रिएक्टर का इस्तेमाल रिसर्च के लिए या किसी और उद्देश्य के लिए किया जायेगा.गौरतलब है कि सऊदी अरब प्रमुख तेल उत्पादक देश है सऊदी अरब अपनी जरूरतों का ज्यादातर हिस्सा पेट्रोल और डीजल पर निर्भर है.इसके साथ ही अगले दो दशक में सऊदी अरब 16 परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना पर काम कर रहा है.
सीबीएस टेलीविजन के साथ वार्ता में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इरान पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान के राष्ट्रपति हिटलर की तरह हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वो चाहते हैं मध्यपूर्व मे उनका खुद का परमाणु संयंत्र हो.बता दे किसऊदी अरब ने 2015 में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर आपत्ति जता चुका है.सऊदी अरब ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए खतरनाक बताते हुए कड़े प्रतिबंधों के अमेरिकी एलान का समर्थन किया है.क्राउन प्रिंस अपने एक ब्यान में ये भी कह चुके है,अगर इरान परमाणु शक्ति बनता है तो सऊदी अरब भी परमाणु हथियारों का निर्माण करेगा.

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