मुश्किल परिस्थिति में सऊदी अरब को मिला इस ‘सुपर पॉवर’ का साथ

October 28, 2018 by No Comments

रूस सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसका मानना है कि सऊदी अरब ने दो सप्ताह से ज्यादा समय बाद, शनिवार को स्वीकार किया कि उसके आलोचक रहे पत्रकार जमाल खशोगी को इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में मार डाला गया. खशोगी की गुमशुदगी ने सऊदी अरब को अब तक के सबसे खराब अंतरराष्ट्रीय संकट में डाल दिया था.

पत्रकार जमाल खशोगी की हत्-या में सऊदी अरब के शाही खानदान की संलिप्तता नहीं है. क्रेमलिन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और सऊदी अरब के शाह सलमान के बीच इस मुद्दे पर हुई बातचीत के बाद यह बयान दिया है. एक पत्रकार ने पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से जब पूछा कि क्या क्रेमलिन पूरी तरह मानता है कि तुर्की के इस्तांबुल में हुई खशोगी की हत्-या में सऊदी अरब के शाही खानदान का कोई हाथ नहीं है, इस पर प्रवक्ता ने कहा कि सवाल अनुचित है.

पेस्कोव ने कहा, सऊदी अरब के शाह की तरफ से एक आधिकारिक बयान आया है, वली अहद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने आधिकारिक बयान दिया है और उन पर यकीन नहीं करने का किसी के पास कोई आधार नहीं होना चाहिए.सऊदी अरब ने उप खुफिया प्रमुख अहमद अल-असिरी और शाही दरबार के मीडिया सलाहकार साद अल-काहतानी को बर्खास्त कर दिया. ये दोनों, शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के शीर्ष सहायक थे जो खशोगी के मामले में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे थे. 

अटॉर्नी जनरल ने एक बयान में कहा, ‘प्रारंभिक जांच में पता चला कि उनके और उनसे मिलने वाले लोगों के बीच इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में हुई चर्चा पहले विवाद और बाद में लड़ाई में बदल गई जिसके बाद जमाल खशोगी की मौ-त हो गई. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.’ खशोगी की मौ-त की पुष्टि होने पर व्हाइट हाउस ने कहा कि वह ‘दुखी’ है लेकिन उसने अपने प्रमुख सहयोगी देश के खिलाफ संभावित कार्रवाई का कोई जिक्र नहीं किया. 

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