सऊदी अरब की मेहमान नवाजी है कुछ ख़ास, जानिये कैसे..

December 16, 2017 by No Comments

रियाद: घर में आये मेहमान को भगवान के बराबर समझा जाता है। गरीब वर्ग के लोगों को छोड़ कर मध्यम वर्ग और अमीर वर्ग के लोगों ने अपने घरों में मेहमानों के लिए एक गेस्ट रूम बनवाया होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सऊदी अरब में घर एक ४० प्रतिशत हिस्सा मेहमानों के लिए रखा जाता है।
दम्मम में आशारिआ चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक आर्किटेक्चरल सेमिनार में प्रस्तुत किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, ये 40 प्रतिशत हिस्सा हर साल में औसतन 19 दिन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रियाद में 70 प्रतिशत लोग अपने घरों की पहली मंजिलों को अपने रहने के लिए रखते हैं, जबकि ग्राउंड फ्लोर को मेहमानों के लिए छोड़ते हैं।

एक स्टडी के मुताबिक़ सऊदी अरब में लोगों के घरों में अक्सर मेहमान आते रहते हैं। इसलिए औसतन 40% हिस्सा गेस्ट के लिए रहता है। लोगों का मानना है कि इससे परिवार, दोस्तों के साथ रिश्ते और भी गहरे होते हैं और घर के इस हिस्से में काफी अच्छी यादें बनती हैं। सऊदी के एक इंजीनियर अब्दुल मुहसिन अल-दियायाब ने कहा है कि यहाँ पर मेहमानों के लिए जगह रखने के मद्देनजर घरों को डिज़ाइन और बनाया ही इस हिसाब से जाता है।
इस ख़ास तरह की मेहमान नवाज़ी के लिए मशहूर सऊदी अरब में लोग इस तरह से आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं। घर आये मेहमान को ये एहसास नहीं होता की वह किसी और के घर में रह रहा है। हालांकि कुछ लोग इसे अपनी निजी ज़िन्दगी में नहीं भी लागू करते हैं।

लेकिन सऊदी अरब के संस्कृति में ये शुमार है कि अपने परिवार और दोस्तों के साथ लोग अजनबियों और जरूरतमंदों के साथ भी बहुत अच्छे से पेश आते हैं। वह अजनबियों के प्रति भी बहुत स्नेह दर्शाते हैं। ऐसा भी कहा है कि बेडौइन संस्कृति के चलते रेगिस्तान में रहने वाले लोग अक्सर भूख और प्यास के चलते गुजारा करने के लिए एक दूसरे मेहमान नवाजी पर निर्भर करते हैं।

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