सऊदी अरब ने कर ली है तैयारी दुनिया के सबसे आधुनिक देश बनने की..हो रहे हैं ये बदलाव

March 3, 2018 by No Comments

सऊदी अरब एक इस्लामिक देश है और यहाँ बड़ी संख्या में हर साल लोग हज और उमराह करने आते हैं। यहाँ इस्लाम में विशेष स्थान रखने वाले शहर मक्का और मदीना भी हैं। लेकिन सऊदी अरब को कई और बातों के लिए जाना जाता है। सऊदी अरब को अपने बड़े तेल भंडार के लिए भी जाना जाता है और साथ ही साथ यहाँ मौजूद सोने की खाने भी काफ़ी मशहूर हैं। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा तेल पर निर्भर है। सरकार अब इस कोशिश में है कि तेल पर से निर्भरता को कम किया जाए।

ऐसा करने के लिए सरकार कई क़दम उठा रही है, ये क़दम समाज सुधार के हैं जिसमें बड़ा फोकस महिला सशक्तिकरण पर किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं पहले अरब देशों में महिलाओं को लेकर कई बंदिशें रही हैं। जिसके चलते उन्हें बहुत सी आज़ादी नहीं मिलती थीं लेकिन अब सरकार इस ओर क़दम बढ़ा रही है क्योंकि महिला सशक्तिकरण के ज़रिए भी दुनिया को वो एक प्रगतिशील देश होने का संदेश दे सकती है। अब यहाँ महिलाओं को ड्राइविंग लायसेंस देने जैसी कई सुविधाएँ शुरू हुई हैं। इसके अलावा होटल इंडस्ट्री को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, तरह- तरह के लक्ज़री से भरे होटल पर्यटकों को लुभाते हैं और इससे यहाँ आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती है। ये अर्थव्यवस्था के लिए लाभ का संकेत है। वहीं होटल इंडस्ट्री बढ़ने से विदेशी निवेशकों का रुझान भी इस ओर बढ़ रहा है, वो यहाँ निवेश का अच्छा मौक़ा देखकर आगे आते हैं।

Saudi Arabia

होटल के साथ- साथ सिनेमा और मनोरंजन के दूसरे साधन मज़बूत किये जा रहे हैं। यहाँ फ़ैशन के लिए नए- नए आयोजन किए जाते हैं। वैसे भी देश भर की फ़ैशन इंडस्ट्री के लिए अरब देश किसी स्वर्ग से कम नहीं है। वहीं सिनेमा और मनोरंजन के साधन बढ़ाने से सरकार को अच्छे ख़ासे मुनाफ़े की उम्मीद है। वैसे भी बड़े- बड़े फ़िल्म स्टार्स और सेलेब्स यहाँ की लक्ज़री लाइफ़ के दीवाने हैं और उन्होंने अपना घर भी यहाँ बसा रखा है। सऊदी अरब सरकार भविष्य में अपने देश का भला सोचते हुए ये क़दम उठा रही है उन्हें ये बात समझ आ चुकी है कि सर्विस इंडस्ट्री को मज़बूत करके ही सऊदी अरब आर्थिक रूप से तेल पर निर्भरता ख़त्म कर सकता है क्योंकि यहाँ कोई नदी भी नहीं है।

Saudi Arabia

हालांकि कुछ रूढ़िवादी लोग सऊदी अरब में हो रहे इन बदलावों को अच्छा नहीं मान रहे लेकिन वैश्विक समाज इन बदलावों से ख़ुश है। ब्रिटिश डिप्लोमेट बोरिस जॉनसन कहते हैं कि सऊदी अरब में हो रहे ये बदलाव अगर कामयाब होते हैं तो इसका व्यापक असर होगा और समूचे मुस्लिम राष्ट्र इससे प्रभावित होंगे। कुछ जानकार ये भी मान रहे हैं कि सऊदी अरब जिस तरह से रिफार्म कर रहा है उससे ये दुनिया के सबसे आधुनिक देशों में भी जल्द ही शामिल हो जाएगा.हालाँकि अभी इस बारे में कोई भी टिपण्णी करना जल्दबाज़ी ही होगी क्यूँकि अभी सऊदी अरब को उस फ़ेहरिस्त में आने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.

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