सऊदी अरब के अधिकारी ने दिया बड़ा बयान, भारत के लिए ख़ुशी की ख़बर

October 23, 2018 by No Comments

बदलते घटनाक्रम के बीच वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब की स्थिति कमज़ोर नज़र आ रही है लेकिन सऊदी सरकार फिर भी समझदारी से काम ले रही है. २ अक्टूबर को जमाल खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने की ख़बर के बाद से ही सऊदी सरकार शक के घेरे में थी. ऐसा इसलिए था क्यूंकि वरिष्ठ पत्रकार जमाल खाशोग्गी इस्तांबुल में सऊदी कांसुलेट से ही ग़ायब हुए थे. काफ़ी न-नकुर के बाद सऊदी अरब ने मान लिया है कि खाशोग्गी की हत्-या हो गयी है और ये कांसुलेट के अंदर ही हुआ है.

इस घटना के बाद से ही सऊदी क्राउन प्रिंस की ज़बरदस्त आलोचना हो रही है. पश्चिमी देशों के नेताओं ने सऊदी सरकार की कड़ी निंदा की है. अमरीकी कांग्रेस में तो सऊदी के ख़िलाफ़ प्रस्ताव तक लाने की बात चल रही है. इस बीच जर्मनी ने कह दिया है कि वो सऊदी अरब को हथियार नहीं बेचेगा.

सऊदी अरब पर जब इस तरह से प्रतिबन्ध की बात आएगी तो मुमकिन है कि सऊदी अरब भी अपनी ओर से जवाब देगा और तेल सप्लाई रोकेगा. सऊदी सरकार के एक अधिकारी ने नाम न लिए जाने की सूरत में कहा कि सरकार हर तरह से विचार कर रही है. जब उनसे पूछा गया कि क्या ये कार्यवाही भारत जैसे देशों के ख़िलाफ़ भी की जायेगी तो उन्होंने कहा कि भारत समेत समूचे एशिया देशों के साथ दोस्ताना सम्बन्ध बने रहेंगे.

आपको बता दें कि सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने सोमवार के रोज़ बड़ा बयान दिया. सऊदी अरब के बयान से पश्चिमी देशों को तो फ़ायदा होगा ही, भारत जैसे देशों को भी बड़ा फायदा होगा. जमाल खाशोग्गी की हत्-या के मामले में सऊदी अरब की सरकार शक के घेरे में है. ऐसे में पश्चिमी देशों ने सऊदी अरब पर निरंकुश होने का आरोप लगाया है.

इस बीच ऊर्जा मंत्री ख़ालिद अल-फ़लिह ने रूस की समाचार एजेंसी से कहा कि उनके देश का प्रतिबन्ध लगाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि 1973 में जैसा एम्बर्गो अरब देशों ने पश्चिमी मुल्कों पर लगाया था, इसका इरादा इस बार नहीं है.

आपको बता दें कि २ अक्टूबर को दा वाशिंगटन पोस्ट के वरिष्ट पत्रकार जमाल खाशोग्गी अपने निजी काम से तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी कांसुलेट गए थे. तभी से उनके बारे में कोई सूचना नहीं मिल रही थी.

उनके सऊदी कांसुलेट में घुसने की फुटेज तो है लेकिन बाहर आने की नहीं थी. यही वजह थी कि अमरीकी और तुर्की मीडिया बार-बार इसके लिए सऊदी अरब की सरकार को ज़िम्मेदार मान रही थी. सऊदी अरब की सरकार ने आख़िरकार ये मान लिया है कि पत्रकार जमाल खाशोग्गी की ह्त्-या कांसुलेट के अंदर ही हुई है. सऊदी सरकार ने रॉयल कोर्ट एडवाइजर अल क़हतानी और डिप्टी इंटेलिजेंस चीफ़ अहमद असीरी को बर्ख़ास्त कर दिया है.

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