सऊदी अरब में बनी पहली फ़िल्म जो ले लेगी आपका दिल..

सन 2012 में रिलीज़ हुई फ़िल्म वज’दा ऐसी पहली फ़िल्म थी जो पूरी तरह से सऊदी अरब में शूट हुई. इस फ़िल्म की निर्देशक हैफ़ा अल-मंसूर हैं और इसे लिखा भी उन्होंने ही है. हैफ़ा सऊदी की पहली महिला निर्देशक भी हैं. यूँ तो ये सऊदी में शूट हुई पहली फ़िल्म है लेकिन ये फ़िल्म अपने आप में मील का पत्थर है. वज’दा फ़िल्म की कहानी एक 11 साल की सऊदी लड़की के सपने के इर्द गिर्द घूमती है. रियाद में रहने वाली वज’दा साइकिल ख़रीदना चाहती हैं जिसकी क़ीमत 800 सऊदी रियाल है.

वज’दा का ये ख्व़ाब है कि वो अपने दोस्त अब्दुल्ला के साथ साइकिल की रेस लगाए. वज’दा 800 रियाल जमा करने के लिए मिक्सटेप्स, ब्रेसलेट जैसी चीज़ें बेचती है. इससे अलग़ वज’दा की माँ को अपने जीवन में संघर्ष करना पड़ रहा है. क्यूंकि वज’दा की माँ अब किसी बच्चे को जन्म नहीं दे सकती इसलिए उसका पिता दूसरी शादी करना चाहता है क्यूंकि वज’दा के पिता को बेटा चाहिए. दूसरी तरफ़ वज’दा अपने सपने को पूरा करने के लिए एक क़ुरान कम्पटीशन में भाग लेती है जिसे जीतने पर 1000 रियाल का ईनाम है. वज’दा पूरी मेहनत करती है और आख़िर वो इस कम्पटीशन को जीत लेती है. कम्पटीशन जीतने पर वो बताती है कि वो इन पैसों से साइकिल ख़रीदना चाहती है. इसके बाद उसे बताया जाता है कि ये पैसा फ़िलिस्तीन भेजा जाएगा लोगों की मदद के लिए उसकी तरफ़ से.

वज’दा जब घर आती है तो उसे मालूम पड़ता है कि उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली. वज’दा की माँ उसे समझाती है कि वो पैसे परेशान लोगों की मदद के लिए गए हैं लेकिन इस मौक़े पर उसे एक सरप्राइज़ देती है और जो साइकिल उसने पसंद की थी वो उसके लिए ले आती है. अगले दिन वो अपने दोस्त अब्दुल्ला के साथ साइकिल चलाती है. वज’दा को सन 2012 में सऊदी अरब की तरफ़ से ऑस्कर में भेजा गया था. हालाँकि ये फ़िल्म बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज केटेगरी में नोमिनेट नहीं हुई लेकिन इसे बाफ्टा में नॉमिनेशन हासिल हुआ. इसने कई सारे बड़े पुरूस्कार जीते.

Leave a Reply

Your email address will not be published.