इस्लाम पर चलते हैं इसलिए आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करते हम: सऊदी अरब

November 26, 2017 by No Comments

रोम: सऊदी अरब में शू’रा कौंसिल के डिप्टी चेयरमैन मुहम्मद बिन अमीन अल-जाफ़री ने जुमे के रोज़ इटली की संसद के हेडक्वार्टर में हुए नाटो पार्लियामेंट असेंबली के मेडिटरेनीयन और मिडिल ईस्ट स्पेशल ग्रुप के जॉइंट सेमीनार में हिस्सा लिया. इस दौरान जाफ़री ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ सऊदी अरब इसलिए सख्त़ है क्यूंकि उनका देश इस्लामिक शरिया पर चलता है.

अल जाफ़री ने सऊदी अरब के द्वारा आतंकवाद के ख़िलाफ़ की गयी कार्यवाहियों पर चर्चा करते हुए कहा कि सऊदी अरब ने इस्लामिक मिलिट्री अलायन्स, अरब-इस्लामिक-अमेरिकन समिट की मेज़बानी की है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सख्त़ रवैया तो अपनाया ही है साथ ही इसके फाइनेंस को भी रोकने की पूरी कोशिशें की हैं. उन्होंने बताया कि उनके देश ने आतंकवादी संस्थाओं की लिस्ट बनायी है और दुनिया भर में सक्रिय इन आतंकी संघठनों को ब्लैकलिस्ट में डाला है. उन्होंने जिन आतंकी संघठनों के नाम लिए उसमें दाएश(ISIS), अल-क़ायदा,और हौथी का तो नाम था ही, साथ ही साथ हिज़बुल्लाह का नाम भी उन्होंने आतंकी संघठन की तरह से लिया.

अल-जाफ़री ने कहा कि सऊदी अरब आतंकी संघठनों का पहला टारगेट है. उन्होंने कहा कि सन 1992 से 100 से अधिक आतंकी हमले किंगडम पर हो चुके हैं. हालाँकि उन्होंने बताया कि 260 आतंकी ऑपरेशन्स को सऊदी अरब ने नाकाम किया है और अपने ही नहीं बल्कि पड़ोसी देशों में भी मानव-छति बचाई है.

इटली के प्रधानमंत्री पोलो गेंतिलोनी ने इस फोरम में कहा कि नाटो की ये ज़िम्मेदारी है कि वो दुनिया भर की स्टेबिलिटी और सिक्यूरिटी का ध्यान रखे.

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