सऊदी कांसुलेट में घुसे अधिकारी, रियाद शेयर बाज़ार बुरी तरह गिरा

October 16, 2018 by No Comments

इस्तांबुल स्थित सऊदी कांसुलेट वाशिंगटन पोस्ट के वरिष्ट पत्रकार जमाल खाशोग्गी के कथित रूप से ग़ायब हो जाने का मामला लगातार सऊदी अरब और तुर्की के रिश्तों को प्रभावित कर रहा है. इस मामले ने जहाँ वैश्विक सियासी माहौल को अलग कर रक्खा है वहीं इसकी वजह से सऊदी अरब की अर्थ्व्यवास्ठा पर भी संकट के हल्के बादल आना शुरू हो गए हैं.

सऊदी अरब की सरकार ने जब तुर्की के अधिकारियों को सऊदी कांसुलेट के अन्दर जाँच की अनुमति दी उसके बाद सऊदी शेयर बाज़ार औंधे मुँह गिर गया. रियाद के तदावुल एक्सचेंज में भारी गिरावट देखी गयी. हफ़्ते के पहले दिन जब बाज़ार खुला तो ये 7 प्रतिशत तक नीचे चला गया. एक समय 186 लिस्ट शेयर में से 182 शेयर नीचे चल रहे थे. हालाँकि बाद में बाज़ार ने कुछ तेज़ी पकड़ी और 4% तक ही नीचे रह गया.

आपको बता दें कि संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अगर सऊदी अरब का हाथ जमाल खाशोग्गी के गुम होने में पाया जाता है तो इसकी क़ीमत सऊदी अरब को चुकानी होगी. सऊदी अरब ने इन धमकियों को ज़्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि कोई भी प्रतिबन्ध सऊदी अरब पर लगाया गया तो उससे बड़ा रिएक्शन देखने को मिलेगा. सऊदी अरब ने कहा कि वो ग्लोबल इकॉनमी का महत्वपूर्ण प्लेयर है.

सऊदी अरब की स्थिति मगर कमज़ोर होती देख कई निवेशक सऊदी अरब में निवेश करने से बच रहे हैं. जेपी मॉर्गन एंड चेस को चीफ़ एग्जीक्यूटिव जेमी दिमोन और फ़ोर्ड मोटर कंपनी के चेयरमैन बिल फ़ोर्ड ने सऊदी फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव कांफ्रेंस में भाग लेने को स्थगित कर दिया है. केई बड़ी समाचार एजेंसी ने इस कार्यक्रम में भाग लेने से इनकार कर दिया है. इसमें CNN, दा फाइनेंसियल टाइम्स, दा न्यूयॉर्क टाइम्स, CNBC और ब्लूमबर्ग के नाम शामिल हैं. दा फ़ॉक्स बिज़नस नेटवर्क एकमात्र पश्चिमी समाचार एजेंसी बची है जो कांफ्रेंस में भाग लेने जा रही है. उबेर, वायाकॉम, ने भी इसमें शामिल होने से मना कर दिया है. स्टीव जॉब्स भी इस कांफ्रेंस में भाग लेने नहीं जा रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि वाशिंगटन पोस्ट में काम करने वाले पत्रकार खाशोग्गी के लापता होने के बाद से वैश्विक सियासत गरमा गयी है. इस मामले में तुर्की का आरोप है कि खाशोग्गी 2 अक्टूबर को सऊदी कांसुलेट में गए थे लेकिन उसके बाद वो बाहर नहीं निकले. तुर्की में सऊदी कांसुलेट के दफ़्तर में खाशोग्गी किसी निजी काम से गए थे लेकिन वहाँ से उनके वापिस निकलने का कोई सुबूत नहीं है.

सऊदी कांसुलेट के अधिकारी कह रहे हैं कि खाशोग्गी कांसुलेट में आये थे और चले गए थे लेकिन इस बात को लेकर वो सुबूत देने में नाकाम नज़र आ रहे हैं. CCTV फ़ुटेज में खाशोग्गी के कांसुलेट के अन्दर जाने का तो फ़ोटो है लेकिन बाहर आने का कोई भी सुबूत नहीं दिखा है. वरिष्ट पत्रकार के लापता होने के बाद से तुर्की और सऊदी अरब के रिश्तों में तल्ख़पन देखा जा सकता है.इस तरह की ख़बरें भी मीडिया में चली हैं कि खाशोग्गी की हत्-या सऊदी कांसुलेट के अंदर हो चुकी है.

आपको बता दें कि जमाल खाशोग्गी वाशिंगटन पोस्ट के लिए भी काम करते हैं और उनका लेखन सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की आलोचना करने वाला रहा है. इस मामले में फ़्रांस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जिस बात की चर्चा हो रही है वो बहुत ही सीरियस है. उन्होंने कहा कि वो वरिष्ट सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने से चिंतित हैं.

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