वन्दे मातरम् को राष्ट्रगान के बराबर मानने से SC का इनकार

December 12, 2017 by No Comments

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें वन्देमातरम् को राष्ट्रगान का दर्जा दिए जाने की मांग की गयी थी. असल में एक जनहित याचिका में मांग की गयी थी कि अगर लोग वन्देमातरम् का आदर नहीं करते हैं तो उन्हें वही सज़ा मिलनी चाहिए जो राष्ट्रगान का अपमान करने वालों को मिलती है. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुना लेकिन ख़ारिज कर दिया.

गौरतलब है कि देश का राष्ट्रगान जन-गण-मन का अपमान करने पर 1971 में बने क़ानून के मुताबिक़ सज़ा दी जाती है. याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि इस क़ानून में बदलाव करके वन्दे मातरम् का अपमान करने पर भी वही सज़ा दी जाए जो राष्ट्रगान पर दी जाती है. हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया.

वन्दे मातरम् को लेकर हाल ही में कई बार विवाद देखने को मिला है. वन्दे मातरम् को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में AIMIM और भाजपा-शिवसेना में झड़प हो चुकी है. इसके अलावा टीवी पर भी इस बहस को लगातार उछाला जाता है. जानकारों के मुताबिक़ असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ये सब बातें कही जाती हैं. समझने की बात ये भी है कि जब कुछ न्यूज़ टीवी चैनल ने वन्दे मातरम् समर्थकों से उसे पूरा गाने के लिए कहा तो उन्हें वो पूरा नहीं याद था. इस किरकिरी के बावजूद भी ये लोग हुज्जत ही करते नज़र आये. हाल ही में उत्तर प्रदेश में कई नगर निगम में वन्दे मातरम् गाना अनिवार्य किया गया है लेकिन मेरठ की मेयर ने इसकी अनिवार्यता ख़त्म की है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *