मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को बताया ‘अमानवीय’

November 27, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह बला-त्कार मामले मे उच्चतम न्यायालय ने एक बार फिर बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने बिहार के मुख्य सचिव से पुछा कि आपने वक्त पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की? उच्चतम न्यायालय ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शेल्टर होम में बच्चों के साथ कु-कर्म हुआ तो पुलिस ने धारा-377 के तहत मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया? उच्चतम न्यायालय ने इसे अमानवीय और बेहद शर्मनाक बताया।साथ ही एफआईआर में दर्ज धारऔ को न्यायालय ने हल्की धाराएं माना है।अदालत ने पूछा 110 में से 17 शेल्टर होम में बला-त्कार की घटनाएं हुईं, तो क्या बिहार सरकार इन को देश के बच्चे नहीं मान रही है।

न्यायालय ने बिहार सचिव को 24 घंटे में एफआईआर में बदलने का आदेश दिया है। साथ ही सचिव को अदालत मे रहने का आदेश भी दिया है।बिहार सरकार को फटकारते हुए कोर्ट ने कहा आपका रवैया बहुत निराशा जनक है। हालांकि इस फ़टकार के बाद बिहार सरकार की और से आश्वासन दिया गया है कि वह जल्द अपनी गलतियों मे सुधार कर लेंगे। बिहार सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि वह ऐसे प्रावधान करेंगे जिससे सभी शेल्टर होम एक ही अथॉरिटी के अंतर्गत आ जाएं।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान मे आता है कि आईपीसी की धारा 377 और पॉस्को एक्ट के तहत जुर्म हुए हैं और यह एफआईआर में दर्ज नहीं किया है तो सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार के खिलाफ आदेश जारी कर सकती है। आप को बता दें कि पहले भी इस मामले में बिहार सरकार को फटकार लगाई जा चुकी है। पहले न्यायालय ने मामले की मुख्य आरोपी मंजू वर्मा के ढूंढने मे नाकाम रहने पर फटकारा था। तब न्यायालय ने कहा था कि ये हैरान करने वाली बात है कि किसी को ये नहीं मालूम कि पूर्व मंत्री मंजू वर्मा कहाँ हैं। न्यायालय ने तब कहा था बिहार सरकार मंजू वर्मा को ढूंढने की कोशिश ही नहीं कर रही है।

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