चीटियां चलते हुए रुक कर एक दूसरे से क्या कहती हैं ये सुनकर साइंस हैरान…

February 9, 2021 by No Comments

कई लोग कुरान पर गौर नहीं करते हैं या दिल उनका कहीं और लगा रहता है तो हमें अपने अन्दर सुधार लाना होगा और उस पर गौर करना होगा. क्या अपने कभी सोचा है कि चीटियाँ चलते चलते अचानक से रुक क्यों जाती हैं और मुहं से मुहं लगाकर करने क्या लगती हैं. इसके अलावा एक ख़ास बात यह भी है कि बारिश से पहले इन्हें कैसे पता चल जाता है कि बारिश होने वाली है.

गौर करने वाली बात है कि खुदा ने एक छोटी सी चींटी के अन्दर यह सलाहियत दी है कि उसे आने वाले मौसम के बारे में पता चल जाती है, यह चीज़ आज साइंस बड़ी बड़ी मशीनरी लगाकर कर रही हैं. खुदा ने किसी भी चीज़ को बिना मकसद के पूरा नहीं किया है. हर चीज़ में ऐसी सलाहियत रखी है कि अगर हम उसपर गौर करें तो हैरान हो जायें. इससे जुड़ा एक किस्सा यह है कि जब हजरत सुलेमान अपने लश्कर के साथ चीटियों की बस्ती में दाखिल होने वाले थे.

तो उन्होंने अपने लश्कर को रुकने का हुक्म दिया. चीटियाँ और कई जानवर हजरत सुलेमान से बात करते थे और खुदा ने यह सलाहियत और ताकत हजरत सुलेमान को अता फरमाई थी. जो बात इस्लाम ने चौदह सौ साल पहले बताई वह बात आज साइंस आज कई तरह के शोध करने के बाद इस नतीजे पर पहुंची है.

साइंस ने बताया है कि चीटियाँ एक दूसरे से आवाज़ के ज़रिये बात नहीं करती हैं बल्कि एक दूसरे से डेटा पास करके बात करती हैं और उनका तरीका यह होता है कि वह अपने मुंह से एक मवाद निकालती हैं और सामने वाली चींटी के मुहं पर उसे चिपका देती हैं और इसके बाद दूसरी चींटी इस सारे मैसेज को डिकोड कर लेती हैं और वह जो कहना चाह रही है उस मैसेज को समझ लेती है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *