सेक्युलर मोर्चा की सच्चाई आई सामने, दिल्ली में…

September 25, 2018 by No Comments

2017 के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के यादव परिवार मे जो बिखराव आया था वह फिर संभल नहीं पाया । उस समय अखिलेश यादव समाजवादी का नया चहरा बन के उभरे थे जबकि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव कही हाशिये पर चले गये थे ।

विवादों के बीच मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी छोड़कर सेक्युलर मोर्चा का गठन किया । इस पर शिवपाल यादव ने नेताजी मुलायम सिंह का आशीर्वाद अपने साथ होने की बात कही थी । उनका कहना था समाजवादी विचारधारा की पुरानी पीढ़ी उनके साथ-साथ है। शिवपाल हमेशा सार्वजनिक मंच पर कहते भी थे कि नेता जी से बात करके हमने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाया है,और नेता जी मुलायम सिह यादव उनके साथ हैं।

लेकिन राजनीति मे कब समीकरण बदल जायें कुछ नहीं कहा जा सकता है ।ऐसा ही कुछ हुआ जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव के साथ मंच साझा किया और उन्हें अपना आशीर्वाद भी दिया। इससे शिवपाल यादव का दावा झूठा साबित हुआ।जबसे यादव परिवार टूटा है तब से बाप बेटे के बीच तनाव चल रहा था । अब यह पहला अवसर था जब पिता-पुत्र एक साथ मंच पर नजर आए हैं ।इससे अटकलों का दौर फिर से शुरू हो गया है ।


जानकारो का कहना है कि मंच साझा कर के मुलायम सिंह यादव ने साफ तौर पर शिवपाल को संदेश दे दिया कि वे सेक्युलर मोर्चा के साथ नहीं है इस से शिवपाल यादव की सियासी जमीन हिलती हुई दिखाई दे रही है ।

शिवपाल यादव यही कहते थे कि हम नेता जी के सम्मान के लिए आए हैं, हम उनके सम्मान की लड़ाई लड़ेंगे ।मगर लगता है नेता जी का पुत्र मोह भाई पर भारी पड़ गया है । जानकारो का कहना है मुलायम सिंह को लगता है कि उनके सैक्युलर मोर्चा के साथ जाने से उनके बेटे अखिलेश यादव को अगले चुनाव मे भारी नुकसान का सामना कर पड़ सकता है ।

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