पत्रकार विनोद वर्मा को रात के साढ़े तीन बजे पुलिस ने किया गिरफ़्तार; AAP नेता ने किया ट्वीट-“प्रेस पर हमला?”

नई दिल्ली: वरिष्ट पत्रकार विनोद वर्मा को ग़ाज़ियाबाद में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया है. छत्तीसगढ़ पुलिस ने देर रात वर्मा को उनके घर से हिरासत में लिया गया है.

बीबीसी के पूर्व पत्रकार वर्मा के बारे में पुलिस ने दावा किया है कि उनके घर से 500 CD बरामद हुई हैं. उनके ऊपर रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने के तहत मामला दर्ज है. उनके ऊपर एक भाजपा नेता को धमकाने का आरोप लगाया गया है.

बताया जा रहा है कि वर्मा छत्तीसगढ़ सरकार के ख़िलाफ़ स्टिंग कर रहे थे. पुलिस सूत्रों ने बताया है कि उनके ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित पंडरी थाने में मामला दर्ज किया गया था. उन्हें इंदिरापुरम थाने में देर रात ले जाया गया. जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.

वर्मा अमर उजाला में भी काम कर चुके हैं. वो छत्तीसगढ़ के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं. इसके अतिरिक्त वो एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया के महत्वपूर्ण मेम्बर हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने इस गिरफ़्तारी पर सरकार की आलोचना की है. रात के साढ़े तीन बजे हुई इस गिरफ़्तारी पर उन्होंने ट्विटर के ज़रिये कहा है कि विनोद वर्मा को मिस्टीरियस तरह से UP और छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ़्तार किया. क्या ये प्रेस पर हमला है?

ट्विटर पर इसको लेकर मिली जुली प्रतिक्रया मिली है. एक ओर जहां कुछ लोगों ने विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ ट्वीट किये हैं वहीँ कुछ लोगों ने इसे पत्रकारों को डराने की कोशिश भी बताया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.