‘यौन शोषण’ पर अंकुश लगाने के लिए इससे जुड़े पहलुओं पर बात करना जरुरी

November 20, 2017 by No Comments

समाज एक ऐसा शब्द है, जिसे बयां करना बहुत ही मुश्किल हैं। क्यूंकि इसके लिए उसे बिलकुल गहराई से समझना जरूरी है। ये समाज ही हमें प्रतिष्ठा देता है, लेकिन इसकी कमियों के बारे में जब बात करने पर आएं, तो ये हमसे बहुत कुछ छीन भी लेता है। जब तक इसमें हो रही अच्छाईओं पर बात हो, तो सब भला। लेकिन जैसे ही इसमें मौजूद कुछ बुराइयों की बात शुरू हो तो ये हमें ही बदनाम करने पर आ जाता है।

अंजाम हम जानते हैं, लेकिन इसे जानकर और डर कर हम इसमें शुमार सामाजिक बुराइयों की बात न करें, ये बात भी सही नहीं। जब तक हम इन बुराइयों के बारे में बात नहीं करेंगे, इनसे लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। समाज की एक बुराई है यौन शोषण। हम पुराने वक़्त को बीच में नहीं लाएंगे। क्यूंकि आज ये बुराई समाज में इस तरह से फ़ैल चुकी है कि इसकी गवाही हम खुद ही भर सकते हैं।

यौन शोषण यानी सेक्शुअल एब्यूज इसी तरह की एक प्रॉब्लम है। ये प्रॉब्लम यूं तो सिर्फ महिलाओं और लड़कियों तक सीमित नहीं है। लेकिन इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को आसानी से दबाया जाता रहा है और ये अभी भी रुका नहीं है।

इसलिए महिलायें ही यौन शोषण की शिकार ज्यादातर बनती हैं। इसमें कोई शक नहीं कि महिलाओं में पुरुषों से ज्यादा सहनशीलता होती है। लेकिन इस तरह के शोषण को सहना कानूनन अपराध भी है। हमें ये समझना बहुत जरूरी है की अगर आप किसी तरह के अपराध को बिना आवाज़ उठाये बर्दाश्त कर रहे हैं। तो न चाहते हुए भी आप अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं और इस समाज को बद से बदतर बना रहे हैं। ये एक जाल की तरह है, जब तक इसे बुनना जारी रहेगा, ये बड़ा होता जाएगा। इस पर अंकुश लगाने के लिए इससे जुड़े पहलुओं पर बात करना जरुरी है।

पर्दे के पीछे मिलने वाली इस पीड़ा से पर्दा उठाकर ही आप खुल कर सांस ले सकते हैं। इस मुद्दे पर भारत दुनिया पर हम यौन शोषण यानि सेक्शुअल एब्यूज पर एक सीरीज शुरू करने जा रहे हैं। जिसमें हम लोगों से बात करेंगे इस प्रॉब्लम और अन्य विषयों पर, जिनके बारे में हम जानते नहीं कि वह भी इसे प्रभावित करते हैं। ज़िन्दगी के किसी पड़ाव पर अगर आप या आपका कोई भी नज़दीकी इस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ है तो हम आपसे अपनी व्यथा सांझा करने का अनुरोध करते हैं और साथ ही साथ आपकी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाये रखने का वादा भी करते हैं। तो आइये अपने अंदर की झिझक को मिटा अपने विचार सांझे करें और इस समाजिक बुराई को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ें।

इसके इलावा इस विषय पर आपके मन में उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए भी हम तत्पर हैं। अपने मन की बात और हमें ईमेल के जरिये इस पते पर भेज दीजिये। हमें आपके ईमेल का इंतजार रहेगा। ईमेल आईडी नीचे दिया गया है:

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प्रियंका शर्मा

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