क्या भाजपा करने जा रही है शाहनवाज़ हुसैन की छुट्टी?

November 13, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: शाहनवाज हुसैन बीजेपी के बड़े मुस्लिम चेहरे हैं। 2014 में भागलपुर से लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के सितारे गर्दिश में हैं। जबकि बता दे कि दिल्ली की डीटीसी बस से चढ़कर साउथ ब्लॉक तक सफर तय करने वाले शाहनवाज देश में सबसे पहले युवा कैबिनेट मिनिस्टर बनने का रिकॉर्ड बनाया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शाहनवाज हुसैन को भागलपुर संसदीय सीट से उतारा था.  उन्हें आरजेडी के शैलेष कुमार के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा था. शाहनवाज हुसैन को 3 लाख 58 हजार 138 वोट मिले थे. जबकि आरजेडी उम्मीदवार को 3 लाख 67 हजार 623 वोट मिले थे. इस तरह से शाहनवाज हुसैन महज 9 हजार 485 वोट से हार गए थे. जबकि जेडीयू के अबु कैशर को 1 लाख 32 हजार 256 वोट पाने में सफल रहे थे.  

गौरतलब यह है कि भागलपुर बीजेपी इकाई में भी उनको तवज्जो नहीं मिल रही। यहां तक कि जिले के पोस्ट-बैनर में भी उन्हें जगह नही मिली। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वाणिज्य मंच का दीपावली मिलन समारोह है। इस समारोह में उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया। दीपावली के मौके पर छपे पोस्टर में भी शाहनवाज हुसैन को जगह नहीं दी गयी। ऐसे में माना जा रहा है कि भागलपुर में 2014 की तरह ही गुटबाजी अभी से परवान चढ़ने लगी है। साथ ही साथ स्थानीय राजनीतिक समीकरण बीजेपी के मिशन 2019 को नया एंगल देने में जुट गए हैं।

दरअसल, 9 नवंबर को बीजेपी वाणिज्य मंच की तरफ से भागलपुर में दीपावली मिलन समारोह हुआ। कार्यक्रम के लिए वाणिज्य मंच के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजीव कुमार शर्मा उर्फ लालू शर्मा ने पोस्टर भी छपवाए। पोस्टर में बीजेपी के शीर्ष नेता पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, सुशील मोदी, अश्विनी चौबे और निशिकांत दुबे सरीखे बड़े नेताओं की फोटो छपी। यहां तक कि अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित चौबे को भी पोस्टर में जगह मिली। लेकिन, अटल सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन की तस्वीर नदारद थी।जबकि बता दे कि 1997 में एक कार्यक्रम के दौरान शाहनवाज हुसैन का भाषण सुनकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि ये लड़का बहुत अच्छा बोलता है, अगर पार्लियामेंट में भेजोगे तो बड़े-बड़े लोगों की छुट्टी करेगा। 

गौरतलब है कि बिहार के भागलपुर में दीपावली के पोस्टर से गायब हुए शाहनवाज हुसैन आमंत्रण छपवाने वाले लालू शर्मा ने शाहनवाज हुसैन को तवज्जो नहीं देने के पीछे अपना तर्क दिया है। उनका कहना है कि शाहनवाज हुसैन ने भागलपुर के लिए कुछ भी नहीं किया। लिहाजा, इस दफा लोगों की मांग है कि बीजेपी किसी स्थानीय नेता को टिकट दे। हालांकि, स्थानीय राजनीति के जानकार इस पहल को 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान हुई गुटबाजी की ही पुनारावृत्ति करार दे रहे हैं। शाहनवाज हुसैन के लिए 2019 में राह आसान नहीं होने वाली है। पहले ही 2014 में मोदी लहर के बावजूद वह गुटबाजी की भेंट चढ़ चुके हैं और एक बार फिर राजनीतिक परिस्थितियां पुराने ढर्रे पर लौट रही हैं।

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