शरद यादव की बग़ावत: क्या गिरेगी बिहार की सरकार? क्या होगा लोकसभा चुनाव में?

August 11, 2017 by No Comments

पटना/नई दिल्ली: बिहार से लेकर गुजरात तक सियासत पूरे उफ़ान पर है| जहां गुजरात में अहमद पटेल के राज्यसभा चुनाव ने दिल्ली तक की राजनीति में उथल पुथल मचा दी तो बिहार का मामला भी आगे ऐसा ही कुछ करने का माद्दा रखता है| जदयू नेता शरद यादव ने अपनी पार्टी से खुली बग़ावत कर दी है| उनकी बग़ावत का कारण जदयू का भाजपा से मिल जाना है| इस बग़ावत के आख़िर क्या मायने हैं या इसके कोई मायने नहीं हैं?

जानकारों के मुताबिक़ शरद यादव बहुत बड़े नेता हैं और वो भले ही पिछले दिनों जनता के बीच इतने पोपुलर नहीं रहे हों लेकिन उनकी क़ाबिलियत के सभी क़ायल हैं और वो कब क्या करिश्मा कर दें ये कोई नहीं जानता| लेकिन उनके इस फ़ैसले से बिहार की सरकार पर क्या असर पड़ेगा ये समझने की बात है| कुछ सूत्रों के मुताबिक़ उनके संपर्क में 20 जदयू विधायक हैं और अगर ऐसा है तो बिहार सरकार को सीधा ख़तरा है| हालाँकि ये दावा कितना सही ये अभी भी नहीं कहा जा सकता क्यूंकि शरद यादव के पक्ष में बोलने वाले या तो राज्यसभा सांसद हैं या फिर किसी दूसरे राज्य के प्रभारी|

समाजवादी नेता शरद यादव के टूटने से और ये दावा करने से कि उनकी जदयू ही असली जदयू है, नीतीश कुमार और केसी त्यागी को झटका लगा है| इतना ही नहीं अपनी बिहार यात्रा में जिस तरह उन्होंने आम लोगों को गोलबंद किया है वो नीतीश कैंप के माथे पर शिकन ले आया है| वहीँ राजद ने भी पूरी ताक़त लगा कर नीतीश कैंप को घेरा हुआ है| इन सबके इलावा कांग्रेस ने भी जदयू की फूट का फ़ायदा उठाने की ठान की है| कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी ने आज हुई विपक्ष की बैठक में जदयू को न्योता देकर नीतीश कैंप को एक और झटका दिया| जिस सवाल से लगातार नीतीश कुमार बचने की कोशिश कर रहे हैं वो उसी सवाल में फंसते नज़र आ रहे हैं|

नीतीश ने भाजपा से हाथ क्यूँ मिलाया? अब ये सवाल आम लोग भी पूछ रहे हैं क्यूंकि नीतीश ने अपना चुनाव ही इस बात पर लड़ा था कि वो भाजपा से कभी हाथ नहीं मिलायेंगे| कुल मिलाकर राज्य में जदयू की साख दांव पर लग गयी है और इसमें नीतीश कुमार की साख पूरी तरह से ख़त्म होने पर है|

जानकारों के मुताबिक़ शरद यादव की बग़ावत का असर लोकसभा चुनाव में पड़ेगा| कुछ जानकारों के मुताबिक़ बिहार की 40 सीटों में अब नीतीश कैंप गिनती की ही सीटें जीत पायेंगे और अगर लालू ने नीतीश के पलटने को भुना लिया तो जदयू का सूपड़ा साफ़ हो सकता है| बिहार की इन सीटों का असर सम्पूर्ण लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा| कुल मिलकर शरद यादव के विपक्ष के साथ आने से विपक्ष बिहार में बहुत मज़बूत हो जाएगा|

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