राज्यसभा सदस्यता रद्द करने पर बोले शरद यादव, “लोकतंत्र को बचाने के लिए अब भी लड़ता रहूंगा”

December 5, 2017 by No Comments

पटना: बिहार की राजनीति में चल रहे घमासान में जेडीयू के बागी नेता शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। जिसकी जानकारी राज्यसभा सचिवालय ने दी है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के इस फैसले से शरद यादव को तगड़ा झटका लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपराष्ट्रपति से इन दोनों नेताओं की सदस्यता खत्म करने की अपील की थी।

गौरतलब है कि शरद यादव और अली अनवर ने नीतीश कुमार द्वारा बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के इस फैसले के विरोधी थे। इन्होने महागठबंधन टूट जाने के बाद पार्टी से बगावत कर दी थी और विपक्ष का साथ दिया था। जिसके चलते जेडीयू ने अगस्त में शरद को राज्यसभा में पार्टी नेता के पद से हटा दिया था। जबकि शरद यादव को राज्यसभा में पिछले साल ही चुना गया था और उनका कार्यकाल 2022 तक था।

इस पर फैसला सुरक्षित रखा गया था जो अब आया है। इससे पहले चुनाव आयोग से भी शरद को झटका लगा था, जब आयोग ने पार्टी के चुनाव चिन्ह तीर पर नीतीश गुट के दावे को सही ठहराया था। इस मामले में शरद यादव का कहना है कि उन्हें लोकतंत्र की खातिर बोलने की सजा मिली है। यादव ने राज्यसभा के कल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महागठबंधन को तोड़ने संबंधी अपनी पार्टी के फैसले की खिलाफत करने के कारण संसद की सदस्यता से हाथ धोने पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट किया है कि मुझे राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया है।

बिहार में राजग को हराने के लिए बने महागठबंधन को 18 महीने में ही सत्ता में बने रहने के मकसद से राजग में शामिल होने के लिए तोड़ दिया गया। अगर इस अलोकतांत्रिक तरीके के खिलाफ बोलना मेरी भूल है तो लोकतंत्र को बचाने के लिए मेरी ये लड़ाई जारी रहेगी।
वहीं इस मामले में लालू यादव का कहना है कि शरद यादव और अली अनवर का कसूर क्या था? ये देश की जनता अब तय करेगी। ये सब कैसा खेल हो रहा है? सब लोग देख रहे हैं।

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