शिवसेना बोली- हिन्दू नमाज़ पढ़ते अगर पैदा ना हुआ होता ये इन्सान…

January 20, 2019 by No Comments

हेलो दोस्तों शिवसेना के नए बयान से आजकल माहौल में गरमा गरमी बढ़ सी गई है, दोस्तों शिवाजी स्मारक के निर्माण को लेकर शिवसेना ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार पर खूब जमकर बयान बाजी की, दोस्तों मुद्दा दरअसल यह है की शिवसेना से जब पूछा गया कि वह स्मारक के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष क्यों नहीं सफलतापूर्वक रख पाई.
तो इसके जवाब में शिवसेना ने यह कहा कि ऐसे तो कई मुद्दे हैं जिन पर कड़े फैसले लेने में सुप्रीम कोर्ट कभी असफल नहीं रही परंतु शिवाजी स्मारक बनाने में सुप्रीम कोर्ट बार बार रोक लगा रही है। शिवसेना ने अपने मुख्य पत्र सामना में कहां है की छत्रपति शिवाजी और बाबा साहेब ठाकरे के स्मारकों की क्या आवश्यकता है?

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हम कहते हैं कि “अगर शिवाजी नहीं होते तो पाकिस्तान की सीमा तुम्हारी दिल्ली तक आ गई होती और बाबा साहब ठाकरे नहीं होते तो आज हर हिंदू को नमाज पढ़ना पड़ता”. शिव सेना का कहना है सुप्रीम कोर्ट बार बार स्मारक के निर्माण को रोक रही है आखिर ऐसा क्यों है क्या सुप्रीम कोर्ट भी यह नहीं चाहती है कि स्मारक बने?
गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे बिना किसी पर्यावरणीय मुद्दे के सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का निर्माण सफलतापूर्वक हो गया तो शिबा जी और बाबा साहेब ठाकरे के स्मारक बनाने में सुप्रीम कोर्ट को क्या परेशानी है. शिव सेना का कहना है कि तीन तलाक जैसा गंभीर मुद्दा और 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन के मुद्दों को आसानी से सबकी सहमति भी मिल गई और बिल पास भी हो गया लेकिन राम मंदिर और शिवाजी स्मारक के निर्माण का मुद्दा हर बार अनसुलझा ही रह जाता है.

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शिव सेना का कहना है कि क्या अदालत सचमुच इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पा रही है या कोई अन्य है जो यह नहीं चाहता है कि शिवाजी स्मारक बने। शिवसेना ने कहा है कि शिवाजी स्मारक का ना बनना हाई कोर्ट के लिए शर्मनाक है यदि शिवाजी ना होते तो पाकिस्तान की सीमा हमारी दहलीज पर होती और बाबा साहब ठाकरे ना होते तो हर हिंदू को नमाज पढ़ना पड़ता लेकिन आज उसी शिवाजी और बाबा साहब ठाकरे के स्मारक बनने से हाई कोर्ट को परेशानी हो रही है.

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