सिद्धू के इस क़दम की उनके विरोधियों को भी करनी होगी तारीफ़…

October 23, 2018 by No Comments

अमृतसर में दशहरे की शाम रावण दहन के वक्त जोड़ा रेल फाटक के नजदीक हुए हाद-से के बाद आरोपों की मार झेल रहे पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा ऐलान किया.

सिद्धू ने ट्रेन हाद-से में मा-रे गए लोगों के परिवारों और अनाथ बच्चों की बड़ी जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें गोद लिया है। सिद्धू ने कहा कि जिन परिवारों में बच्चों को पढ़ाई लिखाई या खाने तक की तंगी होगी, मैं जेब से पूरी करूंगा। जब तक मेरी जेब में चार पैसे हैं, मैं सबको गोद लेता हूं और उनकी देखभाल करूंगा। 

सिद्धू ने ऐलान किया है कि वह सभी परिवार की जिम्‍मेदारी उठाएंगे. उन्‍होंने कहा, ‘अगर किसी परिवार में कोई कमाने वाला या संभालने वाला नहीं है तो मैं और मेरी पत्नी उनको ताउम्र संभालेंगे.’अमृतसर रेल हाद-से को लेकर विरोधियों के निशाने में आ चुके नवजोत सिंह सिद्धू और उसकी पत्‍नी नवजोत कौर ने बड़ा फैसला करते हुए कहा है कि वह इस हाद-से के पीड़ित परिवार की जिम्‍मेदारी उठाने को तैयार हैं. वह पीड़ित परिवार की उम्रभर मदद करने को तैयार हैं. उन्‍होंने कहा कि वह परिवार के किसी सदस्‍य को नौकरी दिलाने की कोशिश भी करेंगे.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने रेलवे और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया। जिसमें राज्य के मुख्य सचिव और रेल बोर्ड चेयरमैन से चार सप्ताह के भीतर  मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया। अमृतसर में दशहरा के दिन रावण दहन के दौरान करीब 60 लोगों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो गई थी।

घटना के बाद से ही सिद्धू लोगों के निशाने हैं क्योंकि कार्यक्रम का आयोजन उनके सहयोगी सौरभ मदान ने किया था जबकि इसकी मुख्य अतिथि के तौर पर उनकी पत्नी नवजोत कौर को आमंत्रित किया गया था। आरोप है कि सिद्धू की पत्नी देरी से कार्यक्रम में पहुंची, जिससे रावण देर से फूंका गया। अगर वो समय से आतीं तो हाद-से को टाला जा सकता था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *