जब तक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के तहत हर नागरिक समान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा: सीताराम येचुरी

January 4, 2018 by No Comments

महाराष्ट्र: भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा पर मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने बीजेपी सरकार को उनकी चुप्पी बनाये रखने पर घेरा है। इस मामले में सीताराम येचुरी ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट्स कर बीजेपी पर निशाना साधा है।
उनका कहना है कि क्या बीजेपी सरकार ने दलितों को भारत का हिस्सा मानती है या नहीं? या क्या उनकी परिभाषा में दलित भारतीय होने से बाहर हैं? महाराष्ट्र में हुई हिंसा पर उनकी चुप्पी यही दर्शाती है।

हमारे समाज के ऐतिहासिक रूप से पीडि़त वर्गों के लोगों को बोलने से रोकना, बीजेपी और आरएसएस द्वारा बनाई गई एक पुरानी और दमनकारी सामाजिक व्यवस्था है। ये उनकी आइडियोलॉजी को दर्शाता है।


एक अन्य ट्वीट में येचुरी ने लिखा है, जैसे कि अंबेडकर ने कहा है कि एक इंसान एक वोट के समान है और एक वोट एक मूल्य के समान। लेकिन जब तक सामाजिक आर्थिक स्थिति के तहत हर नागरिक समान नहीं होता और सबका मूल्य एक नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

इन सब ट्वीट्स के जरिये येचुरी ने आरोप लगाया है कि दलितों को केंद्र और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की ओर से भारतीय होने की परिभाषा से अलग रखा गया है। आपको बता दें की नए साल के मौके पर पुणे के कोरेगांव भीमा इलाके में मराठा समुदाय और दलित समुदाय के लोगों के बीच भीमा-कोरेगांव लड़ाई की द्वितीय शताब्दी समारोह मनाने को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान हिंसक झड़प हो गई थी।

इस हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई है। जिसके लिए महाराष्ट्र सरकार पर उंगलियां उठ रही हैं। जिसके बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर विपक्ष ने सवाल खड़े किये हैं। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बसपा अध्यक्ष मायावती ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के लिए बीजेपी और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीँ इस मामले में दक्षिणपंथी संगठन ने दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू छात्र उमर खालिद पर हिंसा भड़काने वाला भाषण देने के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है।

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