टूटने से बचा स्पेन? कुछ समय के लिए मिली बड़ी राहत

बार्सिलोना/मेड्रिड: स्पेन का राजनीतिक संकट कुछ समय के लिए ही सही लेकिन ठहर गया है. केटलोनिआ के नेता चार्ल्स पुइग्देमोन्त ने क्षेत्रीय संसद को बताया कि हालाँकि आज़ादी के पक्ष केटलोनिआ के लोगों ने मत डाला है लेकिन वो स्पेन से बातचीत करेंगे.

उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर को हुए चुनाव के आधार पर केटलोनिआ ने आज़ादी का अधिकार हासिल कर लिया है और उसको सुने जाने का और सम्मान का अधिकार प्राप्त हुआ है.

उन्होंने कहा कि वो लोगों के मैंडेट को स्वीकार करते हैं लेकिन वो फ़िलहाल आज़ादी की घोषणा नहीं करेंगे क्यूँकी वो स्पेन से बातचीत का रास्ता अपनाना चाहते हैं.

स्पेन के नेताओं के लिए ये बड़ी राहत वाली ख़बर है. गौरतलब है कि 1 अक्टूबर को हुए जनमत संग्रह में केटलोनिआ के 43 फ़ीसद लोगों ने भाग लिया था. विवादित जनमत संग्रह में 92 प्रतिशत लोगों ने केटलोनिआ के स्पेन से अलग होने के पक्ष में वोट डाला था.

सूत्रों के मुताबिक़ यूरोप के दूसरे देश भी नहीं चाहते के केटलोनिआ अलग मुल्क बने. इसकी मुख्य वजह ये है कि अगर केटलोनिआ देश बनता है तो दूसरे देशों में भी अलगाववादी आन्दोलन शुरू हो जायेंगे. सबसे बड़ा ख़तरा बड़े देशों के लिए है जिसमें फ़्रांस, जर्मनी जैसे देश जैसे शामिल हैं.

शायद इसी वजह से यूरोपियन यूनियन ने केटलोनिआ का समर्थन नहीं किया है और जर्मनी की चांसलर भी पूरी कोशिश में हैं कि केटलोनिआ स्पेन से अलग ना होने पाए.

हालाँकि अभी भी ये कहना ठीक नहीं होगा कि मुद्दा हल हो गया लेकिन हाँ कुछ वक़्त को परेशानी टल गयी ऐसा ही लगता है.

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