सपा-बसपा गठबंधन से इस सीट पर मुस्लिम बाहुबली का टिकट कन्फर्म था लेकिन अब…

February 4, 2019 by No Comments

हेलो दोस्तों चुनाव की तारीख बहुत करीब आ चुकी है ।हर पार्टी पूरी तरह से चुनाव जीतने में लगी है मोदी सरकार को हटाने के लिए अन्य पार्टियां भी ज़ोरो शोरो से काम कर रही है और जनता का दिल जीतने के लिए बढ़-चढ़कर वादे कर रही है,दोस्तों महागठबंधन के बारे में तो आप सभी जानते ही हैं.
मोदी सरकार को हटाने के लिए सपा और बसपा दोनों ने छोटी छोटी पार्टियों से मिल कर महागठबंधन तैयार किया ।उस समय तो मायावती और अखिलेश यादव दोनों ही 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात पर सहमत हो गए। और उन्होंने 2 ,4 सीटें अन्य दलों (कांग्रेस और रालोद) के लिए छोड़ दी.

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शुरुआत में तो यह बातें आसानी से हो गई की 38 सीटों पर सपा और 38 सीटों पर बसपा चुनाव लड़ेगी लेकिन जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है और प्रत्येक सीट पर प्रत्याशी को उतारने की बात हो रही है तो अब सपा और बसपा के बीच मतभेद होता नजर आ रहा है ।जिस कारण महागठबंधन को काफी नुकसान होता नजर आ रहा है.
दोस्तों 38 सीटों में सपा लड़ेगी और 38 सीटों में बसपा चुनाव लड़ेगी यही तय हुआ था लेकिन किस सीट से कौन लड़ेगा यह तय नहीं हुआ था, महागठबंधन के समय लेकिन अब जब प्रत्याशी उतारने की बात हुई तो सपा और बसपा के बीच अनबन सी होने लगी है क्योंकि कई क्षेत्रों में सपा और बसपा दोनों के ही प्रत्याशी बहुत मजबूत है.
ऐसे में मुद्दा यह फस जा रहा है कि दोनों में से किसे मैदान में उतारा जाए उदाहरण के लिये, पूर्वी उत्तर प्रदेश की घेसी लोकसभा सीट पर मुख्तार अंसारी तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली जबकि वह मऊ सदर से पांचवीं बार विधायक बने हैं ऐसे में कहा जा रहा है कि इस सीट पर बसपा के दो दो दावेदार हैं एक मुख्तार अंसारी तो दूसरे उनके बेटे अब्बास अंसारी.

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जहां सपा के पास दो मजबूत दावेदार है, वहीं बसपा के पास भी बाल कृष्ण चौहान है और बालकृष्ण चौहान घेसी में सबसे बड़े चौहान नेता है. ऐसे में गठबंधन पर महा संकट है कि किसे मैदान में उतारा जाए प्रत्याशी बना कर सिर्फ घेसी में ही नहीं अन्य कई स्थानों पर भी यही संकट सपा और बसपा पर है अब सपा और बसपा मिलकर इसका हल कैसे निकालेंगे यह बात देखने लायक होगी.

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