यूरोप का चौथा सबसे बड़ा देश टूटने की कगार पर

मेड्रिड/बार्सिलोना: यूरोप का चौथा सबसे बड़ा देश स्पेन टूटने की कगार पर है. देश के उत्तरी भाग में स्थित केटलोनिआ में स्थित प्रांतीय सरकार ने स्पेन से अलग होने के लिए रेफ़ेरेंडम कराने का फ़ैसला किया है. आबादी के ऐतबार से यूरोप में छटे स्थान पर आने वाले देश के उत्तरी हिस्से में कई सालों से आज़ादी को लेकर आन्दोलन चल रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि केटलोनिआ के लोग भी 1 अक्टूबर को होने वाले इस रेफ़ेरेंडम का समर्थन करेंगे.

इस रेफ़ेरेंडम को मेड्रिड स्थित राष्ट्रीय सरकार ने अवैध घोषित किया है. इसे रोकने के लिए स्पेन ने पुलिस बल केटलोनिआ में भेजा है. जानकारों के मुताबिक़ देश में लोकतंत्र आ जाने के बाद ये सबसे बड़ा राजनीतिक संकट है.

केटलोनिआ के नेताओं ने साफ़ कह दिया है कि अगर रेफ़ेरेंडम में “यस” वोट जीतता है तो उसके 48 घंटे के भीतर ही आज़ादी की घोषणा कर दी जायेगी.

गौरतलब है कि केटलोनिआ की आज़ादी आन्दोलन ने उस वक़्त नया मोड़ ले लिया जब 948 में से 712 केटलोनिआ मेयर्स ने आज़ादी को लेकर होने जा रहे “रेफेरेंडम” का समर्थन कर दिया. स्पेन इन सभी पर कड़ी कार्यवाही की है.

बार्सिलोना भी देश के इसी हिस्से में आता है. केटलोनिआ की जनसँख्या 74 लाख है जो स्पेन की जनसंख्या का 16 % है. यहाँ के लोगों का अपना इतिहास, अपनी ज़बान, अपनी मान्यताएं हैं. केटलोनिआ समर्थक इसे यूरोप में एक नया देश बनाने की मांग कर रहे हैं जो सरकार के लिए बग़ावत के बराबर है.

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