सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता के फैसले पर AIMPLB ने कहा-बाबरी मस्जिद पर…

March 9, 2019 by No Comments

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अयोध्या मंदिर का मुद्दा न चर्चा में आना मुमकिन नहीं है।गौरतलब है कि अयोध्या वि’वाद भारतीय जनता पार्टी का फैवरेट चुनावी मुद्दा है।बता दें कि वह ध्यान विवाद मामले में समाधान निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अब मध्यस्थता का रास्ता निकाला है।सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन रहमानी ने एक बड़ा बयान दिया है।
AIMPLB सचिव उमरैन रहमानी का कहना है कि यह एक टाइटल सूट है ना कि आस्था से जुड़ा हुआ फैसला।हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यस्थता के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन बाबरी मस्जिद पर हमारा मत कभी नहीं बदलेगा।वहीं पैनल के चेयरमैन और रिटायर्ड जस्टिस एफएम कलीफुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी है।उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने मेरी अगुआई में एक मध्यस्थ कमेटी का गठन किया है।लेकिन मुझे अभी तक इसकी ऑर्डर की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है।


सुप्रीम कोर्ट


मैं यही कह सकता हूं कि अगर इस मामले में किसी भी कमेटी का गठन किया तो हम इस मसले को मैत्रीपूर्ण तरीके से सुलझाने की हरसंभव कोशिश की जायेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर देश के जाने-माने धर्मगुरू श्री श्री रविशंकर ने भी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में की जा रही देरी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सदियों से संघर्ष जारी रखा है लेकिन आप इसे खत्म करना है सबका लक्ष्य होना चाहिए।
इस मामले में श्री श्री रविशंकर ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर कहा है कि सबका सम्मान करना,सपनों को साकार करना,सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना,इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।इससे पहले भी धर्मगुरु श्री-श्री रविशंकर ने कहा था कि हमें अपने अहम् और मतभेदों को अलग रखकर इस मामले से संबंधित सभी दलों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर आगे बढऩा चाहिए।


बाबरी मस्जिद


उस वक़्त श्री श्री धर्मगुरु ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यस्थता को प्राथमिकता देना देश के और इस विषय से संबंधित सभी दलों के हित में है। हमें इस मामले में ऐसे सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।

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