अभी भी 63 फ़ीसदी लोगों की पहली पसंद हैं नरेंद्र मोदी: सर्वेक्षण

November 3, 2018 by No Comments

2019 का लोकसभा चुनाव अगले कुछ ही महीनों में होने वाला है। सारी पार्टियां अपने अपने पक्ष में अधिक से अधिक सहयोग इकट्ठा करने में लग गई। चाहे वह पत्रकारिता के रूप में हो,पत्रकारों को अपने पक्ष में करने की बात हो या फिर छोटे से बड़े स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण ।हर पार्टी अपना ही मत आगे रखना चाहती है। आपको बता दें कि हालिया हुए एक सर्वेक्षण में सत्तारूढ़ पार्टी में जहां खुशी की लहर दौड़ पड़ी वही विपक्ष की चिंताएं बढ़ती ही जा रही है। दरअसल सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकला है कि ,देश और दुनिया के 63 फ़ीसदी लोग नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से देश का प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं ।ऑनलाइन सर्वे में 50 फ़ीसदी लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में देश को नए भविष्य की ओर ले जाएंगे,और देश का सुधार होगा। विकास के अवसर नवीन रूप से प्राप्त होंगे।

न्यूज़ पोर्टल डेली हंट और डेली विश्लेषण करने वाली कंपनी नीलसन इंडिया ने एक बयान में दावा किया है कि, यह सर्वेक्षण देश और विदेश के 50 लाख लोगों के विचारों पर आधारित है।इससे यह बात बिल्कुल साफ है कि ,लोगों के मन में अभी भी बीजेपी सरकार की छवि साफ-सुथरी बनी हुई है। कांग्रेस ने इस सर्वेक्षण को पूर्ण रूप से गलत है। उन्होंने इसे बेतुका और फर्जी भी करार दिया ।कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप रणदीप सुरजेवाला का मानना है कि ,बीजेपी सरकार जनता पर अपना भरोसा पूरी तरह से गंवा गवा चुकी है और पांच राज्यों के चुनावों में जबरदस्त हार का सामना कर रही है ।

वह यहां तक कह रहे हैं कि ,बीजेपी अनुचित तरीके से जुटाए हुए वित्तीय संसाधन यानी कि धन इत्यादि का इस्तेमाल कर फर्जी सर्वेक्षणों को करवा कर खुद को वैधता हासिल करा रही है। उनका मानना है कि इस तरह के फर्जी और बेतुके सर्वेक्षण को मुद्दा बनाकर सरकार ने कभी भी समर्थन हासिल नहीं किया है ,और ऐसे सर्वेक्षण जनता द्वारा पहले भी खारिज किए जा चुके हैं ।सर्वेक्षण के मुताबिक 62 फीस दी लोग बात में विश्वास रखते हैं कि ,मोदी सरकार किसी राष्ट्रीय संकट के दौरान देश का नेतृत्व करने में सबसे समर्थ है ।इसके बाद बहुत ही कम सिर्फ 17 फ़ीसदी लोग राहुल गांधी के समर्थन में है। 8 फ़ीसदी केजरीवाल के समर्थन में और 3 फीसदी अखिलेश यादव के समर्थन में और सब से कम 2 फ़ीसदी बसपा सुप्रीमो मायावती के समर्थन में है।हालांकि हम आपको बताते चलें कि, डेली हंट और नीलसन इंडिया बयान में यह स्पष्ट किया है कि ,उनके सर्वेक्षण का राजनीतिक रणनीति से कोई लगाव नहीं उनका सर्वेक्षण सिर्फ और सिर्फ देश की जनता का मत और भावी चुनाव के रुझान को जानने में है ।

हालांकि इससे पहले सितंबर में भी 2019 की लोकसभा चुनाव को लेकर सर्वेक्षण हुआ था और उसमें भी बीजेपी को ही बहुमत मिला था। इससे यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में भी जनता का रुझान बीजेपी की तरफ है ।यह सर्वे चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की संस्था इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी आईपी एसी की ओर से किया गया था।अब कुछ ही महीनों यह देखना दिलचस्प होगा कि ,आने वाले दिनों में भी जनता इसी तरह भाजपा के समर्थन में रहती है या अपना मन बदलेगी,फ़िलहाल अभी के लिए यह सर्वेक्षण भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निश्चित ही मजबूती प्रदान करेगी।

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