सीरिया गृह युद्ध: ताक़त और सत्ता की लड़ाई में हार सिर्फ़ मानवता की हो रही है

March 1, 2018 by No Comments

अरब क्रांति के शुरू होने के बाद कई देशों में अस्थिरता आयी लेकिन सीरिया एक ऐसा देश रहा जहाँ इस अस्थिरता ने सरकार की हठधर्मिता की वजह से भयानक रूप ले लिया। यहाँ बशर अल असद की सरकार ने विद्रोहियों को दबाने के लिए हिंसा का वो तमाशा किया जिससे के इंसानियत भी शर्मसार हो जाये।

2011 से शुरू हुए इस ग्रह युद्ध में असद को ईरान और रूस जैसे देशों का समर्थन मिला जबकि दूसरी ओर विद्रोहियों को संयुक्त राज्य अमरीका,और तुर्की जैसे देशों का समर्थन हासिल हुआ। इस सब के बीच ISIS आतंकी संगठन ने भी सीरिया की अस्थिरता का फ़ायदा उठाया। ISIS के ख़ात्मे के बाद अब लड़ाई सीधे तौर पर सीरिया की असद सरकार और विद्रोहियों के बीच है। सीरिया सरकार विद्रोहियों के इलाक़ों में ज़बरदस्त बमबारी कर रही है, ये बमबारी नागरिक क्षेत्रों में भी हो रही है।

पूर्वी घूता शहर में हुई बमबारी में एक हफ़्ते के भीतर 500 से अधिक लोग मारे गए। इस बमबारी में सौ से अधिक मासूम बच्चों की भी जान गई है। इसके बावजूद सीरिया सरकार बमबारी रोकने को तैयार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र लगातार दबाव बनाने की कोशिश में है कि संघर्षविराम लागू हो। संघर्ष विराम को लेकर फ्रांस, जर्मनी रूस से बात कर रहे हैं। 7 साल से चल रहे युद्ध में अभी तक कोई ठोस फ़ैसला नहीं हो सका है और लगातार लड़ाई बस चले ही जा रही है। ऐसे में जो मानव-छति हो रही है उसकी कोई भरपायी नज़र नहीं हो सकती. सत्ता और ताक़त की इस जंग में अगर नुक़सान किसी का हो रहा है तो वो मानवता का है.

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