मस्जिद की गुम्बद तोड़े जाने से अलीगढ़ के गाँव में तनाव, पुलिस तैनात…

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक मस्जिद का गुंबद तोड़े जाने से तनाव हो गया है। यहां हरदुआगंज थाने के तहत आने वाले भोजपुर गांव में शुक्रवार (9 नवंबर, 2018) की रात आबादी दूर बनी मस्जिद का गुंबद किसी अज्ञात शख्स ने तोड़ दिया। दरअसल शनिवार सुबह मुस्लिम समाज के लोग जब नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे तब मस्जिद का गुंबद टूटा देख इलाके में आक्रोश फैल गया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी तुरंत सतर्क हो गई है। हालांकि मुस्लिम समुदाय को किसी तरह शांत कराकर मस्जिद का गुंबद दोबारा बनवाया गया है।

मिली-झुली आबादी वाले इस गांव में हालात खराब ना हों इसके लिए फोर्स की तैनाती की गई है। अमर उजाला समाचार पत्र की खबर के मुताबिक अतरौली के सीओ के अलावा एसपी देहात भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि मस्जिद भोजपुर गांव के बाहर जलाली-पनैठी रोड पर बनी है। इसकी छत पर चारों कौनों पर गुंबद बने हैं। जिसके तीन गुंबद रात के समय तोड़ दिए गए। लोग सुबह नमाज पढ़ने पहुंचे तो घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। धार्मिक स्थल पर छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत सतर्क हो गई और हरदुआगंज और अकबराबाद थाना समेत पीआरवी की गाड़ियां घटना स्तल पर पहुंच गईं।

इसके पहले भी हो चुका है ऐसा मामला ,दरअसल एक मस्जिद में मरम्मत के काम को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था , इलाके में त्वरित कार्य बल तैनात कर दिया गया था, मस्जिद की विवादित मीनार को हटा दिया गया था, पुलिस के आलाधिकारी मौके पर जमे हुए थे। बाद में जिला प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच बातचीत में इस बात पर सहमति बन गई कि मस्जिद में छोटी मीनार लगा दी जाएगी. भोजपुर गांव के मस्जिद मामले में पुलिस प्रशासन ने नये सिरे से जांच करने की बात कहकर लोगों को किसी तरह से शांत कराने में जुटी है. पुलिस प्रशासन की सख्ती से फिलहाल अलीगढ़ में शांति है लेकिन इलाके में पहले की तरह तनाव बना हुआ है. जरूरत इस बात की है कि योगी सरकार इस मामले में कारगार कार्रवाई करे, वरना स्थिति कभी भी नियंत्रण के बाहर जा सकती है.

खैर दंगों का समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और मनोविज्ञान से गहरा नाता है. इस पर विस्तार से चर्चा कई विशेषज्ञ कर चुके हैं. लेकिन देशभर में दंगों की बढ़ती संख्या बीजेपी आधारित एनडीए के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है. भगवाकरण के आरोप से जूझ रही बीजेपी ने प्रशासन को अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के आदेश नहीं दिए तो मुश्किलें और बढ़ेंगी.

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