बढ़ रहा है हिन्दू-मुस्लिम में टकराव; भाईचारे के लिए करना होगा काम

March 8, 2018 by No Comments

भारत एक ऐसा देश है जहाँ कई धर्मों के लोग रहते हैं. ये बात कोई आज से नहीं है बल्कि कई ज़मानों से है लेकिन पिछले कुछ सालों में देश में ऐसा माहौल तैयार किया गया है जिससे कि सारे धर्म के लोग एक दूसरे से नफ़रत सी करने लगे हैं. ऊपर-ऊपर से एक दिखावा है मुहब्बत का लेकिन अन्दर से जो बात है वो यही है कि हम दूसरे धर्म के इंसान को पसंद नहीं करते. आख़िर इसकी क्या वजह है. देखा जाए तो भारत का पारिवारिक ढांचा ऐसा है कि हिन्दू हो या मुसलमान सब लगभग एक ही तरह से रहते हैं. कुछ जो फ़र्क़ है वो है धर्म को मानने के तरीक़े का और कुछ खान-पान की बात. इसके अलावा देखो तो परिवार में कुछ भी अलग नज़र नहीं आता.

फिर भी देश में धर्मों को लेकर टकराव की स्थिति है. और ये टकराव अब इस हद तक बढ़ गया है कि खाने की टेबल पर बैठकर भी लोग अपने धर्म की तारीफ़ कम और दूसरे धर्म की बुराई ज़्यादा कर रहे हैं. आख़िर ऐसा क्यूँ है?क्या हम मिलकर नहीं रह सकते? असल में इसकी वजह ये है कि देश में तमाम एकता होने के बावजूद भी अंतर-जातीय या अंतर-धार्मिक विवाह नहीं हुआ. अगर ऐसा चलन होता तो आज देश में भाईचारा नए क़िस्म का होता.

हिन्दू-मुस्लिम, हिन्दू-ईसाई, मुस्लिम-ईसाई, सिख-मुस्लिम, इत्यादि अगर विवाह हुए होते तो शायद समाज एक बेहतर दिशा में काम करता और लड़ाई झगड़े की स्थिति ना होती. जब हमारे घर में ही दूसरे समाज का व्यक्ति होता तो शायद हम समाज को बेहतर तरह से समझ पाते और ये जान पाते कि सब एक ही जैसे हैं. इस वक़्त जो स्थिति है वो ये है कि एक समाज दूसरे समाज का दुश्मन सा बना हुआ है और चाहता है कि सिर्फ़ एक ही समाज मुल्क में रहे और दूसरा किसी और जगह पर चला जाए. ये सोच अपने आप में भयानक है, ये एक ऐसी सोच है जिससे समाज में बचा खुचा भाईचारा भी ख़त्म हो जाएगा और नफ़रत का ऐसा माहौल तैयार होगा कि कोई भी नहीं बचेगा. बहरहाल, अब आगे और कितनी बुराइयां समाज में आती हैं ये तो आगे देखेंगे लेकिन फ़िलहाल तो ये है कि जिससे जो हो पाया वो उतना करे और समाज में भाईचारा क़ायम करने की कोशश करे.

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अरग़वान रब्बही

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