सुबह-सुबह इन मन्त्रों के जाप से होगी धन वर्षा, बन जाएंगे करोड़पति

September 26, 2018 by No Comments

अक्सर हम देखते हैं कि किसी भी धार्मिक कार्य को करने के लिए तरह-तरह के मंत्रों का उच्चारण या जाप किया जाता है। बहुत से लोगों का मानना है कि ये मंत्र बहुत कारगर सिद्ध होते हैं। वहीं मंत्र का दूसरा अर्थ समझने की कोशिश की जाए तो मंत्र का एक अर्थ होता है किसी काम को सरल या उपयोगी बनाने की युक्ति या सूत्र मतलब जो उपाय जीवन को सरल और उपयोगी बनाने में काम आते हैं वो मंत्र कहलाते हैं।

तरह-तरह के मंत्रों का उच्चारण तो हम सभी ने कई बार सुना होगा लेकिन क्या हो अगर आपके हाथ कुछ ऐसे मंत्र आएँ जिनके जाप करने से आपकी मनोकामना की प्राप्ति हो?आज हम आपको कुछ ऐसे ही मंत्र दे रहे हैं जिनके जाप से आपको शुभ फल मिलेंगें। आइए जानते हैं वो मंत्र:

पहला मन्त्र – ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः !!

इस मंत्र में विघ्न और बाधा को हराने वाले श्री गणेश की प्रार्थना का भाव है उनसे ये प्रार्थना की जा रही है कि वो हमारे सारे विघ्न को काटें और हमें सुखद जीवन दें। यदि आप अपने जीवन में किसी दुश्मन से परेशान हैं और उस पर विजय पाना चाहते हैं तो आपको इस मंत्र के जाप से मनचाहा वर मिल सकता है। इस मंत्र का जाप करते रहें और अपने जीवन में शत्रुओं को प्रेम के मंत्र से जीतिए। एक बार जो आपने उसे प्रेम के मंत्र से जीत लिया फिर वो आपके वश में हो जाएँगें।

दूसरा मन्त्र -ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा!!

ये मानव जीवन ही एक लम्बा सफ़र है और ज़्यादातर मनुष्यों की इच्छा भी होती है कि वो बस घूमता रहे। आम तौर पर जो छोटी-छोटी यात्राएँ हम करते हैं उनके दौरान ही कई मुश्किलें आ जाती हैं। अगर आप यात्रा में जाने से पहले ऊपर दिए मंत्र का जाप करते हैं तो आपकी यात्रा में आने वाली हर बाधा और अड़चन दूर हो जाएगी। आपका चित्त प्रसन्न रहेगा और जब चित्त प्रसन्न हो तो यात्रा सुखद होनी ही है। इस मंत्र में भी यही बात कही गयी है। सभी सिद्धियों के स्वामी श्री गणेश से ये कह रहे हैं कि आप हर काम में हमारा साथ दें और हमारे सभी विघ्न को टालें।


तीसरा मन्त्र -ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः!!

इस मंत्र के ज़रिए ये प्रार्थना की जा रही है कि हर वर को पूरा करने वाले गणेश जी विजय का वरदान दें। किसी भी जीत या विजय के लिए भाग्य के साथ-साथ आपका करम भी मुख्य भूमिका निभाता है। सफलता के लिए आपको जहाँ प्रार्थना से केंद्र मिलता है वहीं ख़ुद पर भी विश्वास होता है और ये विश्वास जीत में बड़ी भूमिका निभाता है। इस मंत्र के जाप को मुक़दमे आदि में फँसे होने में विजय दिलाने के लिए सही माना जाता है। ये विजय मंत्र है जो आपको सफलता की ओर ले जाता है। विजय या सफलता के लिए मंत्र जाप के साथ ही कड़ी मेहनत भी करते। रहें। ईश्वर भी ख़ुद की मदद को तत्पर इंसान की मदद करता है।

चौथा मन्त्र -ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा !!

ये एक बीज मंत्र है। इसके जाप से आपके घर में मंगल ही मंगल होता है। गणेश जी इस मंत्र से ख़ुश होते हैं तथा इस मंत्र के जाप करने वाले पर अपनी ख़ास कृपा बरसाते हैं। कहा जाता है कि ये मंत्र घर में धन की वर्षा तक कर सकता है, सुख और मान सम्मान में बढ़ोतरी होती है। धन वर्षा का अर्थ ये लिया जाना चाहिए कि इस मंत्र के जाप से कमाई के साधन बढ़ते हैं और मेहनत का फल उचित मिलता है। लेकिन इसके लिए ये भी ज़रूरी है कि अपनी आमदनी के स्रोतों की ओर ध्यान दिया जाए और उसे बढ़ाने के साधन बनाए जाएँ।

हमने आज आपको चार मंत्र बताए जिनसे आप अपनी तरह-तरह की मनोकामना की पूर्ति कर सकते हैं। यूँ तो हम पूजापाठ में अक्सर अलग-अलग मंत्रों के उच्चारण सुनते भी हैं लेकिन वहीं कुछ ऐसी कथाएँ भी प्रचलित हैं जहाँ किसी असुर के स्वार्थपूर्ति हेतु किए जा रहे मंत्र को विफल करने के लिए देवों ने उनके मुख में सरस्वती विराजित करवाकर ज़रा से मंत्र बदलवा दिए और सारा मामला ही उलटा पड़ गया। मंत्रों में अगर एक मात्रा इधर की उधर हो जाए तो वर माँगता हुआ इंसान अपने लिए अभिशाप माँग ले, कुछ ऐसा ही मामला होता है। तो आप अगर इन मंत्रों को पढ़ना चाहते हैं तो अच्छी तरह धीरे-धीरे पढ़कर उनके सही उच्चारण पर ध्यान दीजिए क्योंकि कम से कम मंत्रों का उच्चारण तो सही ज़रूरी है, वरना आप जो माँगेंगे आपको वही मिलेगा। अगर मंत्र ठीक से न पढ़ पाएँ तो बस आँखें बंद करके अपने अंदर ही भगवान का स्मरण करें दिन शुभ होगा।

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