अमरीका के आगे झुकने से किया इनकार, इस मुस्लिम देश ने….

September 23, 2018 by No Comments

अमरीका और ईरान के रिश्ते इन दिनों अच्छे नहीं चल रहे हैं। इसका जिम्मेदार जानकार अमरीका को ही मान रहे हैं लेकिन इस फैसले में अमरीका को कई कूटनीतिक नुक़सान हुए हैं। असल में अमरीका ने ईरान के साथ हुई नुक्लेअर डील भी निरस्त कर दी।

अमरीका के इस फ़ैसले की कड़ी निंदा हुई है। हसन रूहानी ने रविवार को इस मामले में टिपण्णी करते हुए पत्रकारों से बातचीत की.

न्यूयार्क रवाना होने से पहले तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अहवाज़ हमले को ईरान अनदेखा नहीं कर सकता और उसका मुंह तोड़ जवाब आतंकवादियों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हमला किसने किया।

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि अहवाज़ का आतंकी हमला किसी भी स्थिति में ईरानी राष्ट्र के संकल्प को डिगा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का दावा करने वालों को इस बारे में जवाब देना होगा।

संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के वार्षिक अधिवेशन में अपनी उपस्थिति के संदर्भ में राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान के लिए महासभा के वार्षिक अधिवेषन में उपस्थिति, क्षेत्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार प्रकट करने का बहुत अच्छा अवसर है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक परिस्थितियां ठीक नहीं हैं। हसन रूहानी का कहना था कि अमरीका, संयुक्त राष्ट्रसंघ का दुरूपयोग कर रहा है। राष्ट्रपति रूहानी ने अमरीका की ओर से एकपक्षीय रूप में जेसीपीओए से निकलने और ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बारे में कहा कि अमरीका, ईरानी राष्ट्र पर दबाव डालना चाहता है किंतु वह एेसी कभी भी नहीं कर सकता।

अमरीका जिस प्रकार ईरान को जबरदस्ती दबाने की कोशिश में लगा है ये अन्य देशों को पसंद नहीं आ रहा है। असल में अमरीका के अंदर भी अब अमरीका का विरोध शुरू हो चुका है, इस वजह से ही अमरीका की सरकार अब बैकफ़ुट पर है।

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