ये है सऊदी अरब का ऊँट बाज़ार, यहाँ रोज़ बिकते हैं 100 से अधिक ऊँट

सऊदी अरब को अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से जानते हैं. कुछ के लिए सऊदी अरब इसलिए ख़ास है क्यूंकि यहाँ मक्का-मदीना है, कुछ के मुताबिक़ इसलिए क्यूँकि यहीं से इस्लाम की शुरुआत हुई. कुछ के मुताबिक़ यहाँ के रेगिस्तान बहुत ख़ास हैं तो कुछ सऊदी अरब की आर्थिक तरक्क़ी को भी देखते हैं. एक ऐसा भी हिस्सा है जो सऊदी अरब को ख़जूर और तेल के लिए जानता है.

वैसे हम आज जिस एक बात की चर्चा कर रहे हैं वो है यहाँ के ऊँट, सऊदी अरब जो कि दुनिया का 13वाँ सबसे बड़ा देश है कि कई ख़ास बातों में से एक ख़ास बात है यहाँ के ऊँट. इस देश का नाम जब ज़हन में आता है तो कहीं ना कहीं ऊँट की शक्ल भी बन जाती है. एक तो बात ये भी है कि इस देश में कोई नदी नहीं है. देश के बड़े हिस्से में रेगिस्तान होने की वजह से ऊँट का होना भी आम ही है. मगर जिस हिसाब से यहाँ ऊंटों की ख़रीद-फ़रोख्त होती है वो क़ाबिल ए गौर ज़रूर है.

ऐसा माना जाता है कि सिर्फ़ राजधानी रियाद में ही रोज़ाना 100 ऊँट बिक जाते हैं. रियाद का ऊँट बाज़ार दुनिया के सबसे बड़े ऊँट बाज़ार में से एक है. विदेशी पर्यटक इस बाज़ार को घूमने भी आते हैं. अरबी ऊँट पुराने दौर से ही बहुत शानदार माने जाते हैं.विकिपीडिया पर दी गयी जानकारी के अनुसार अरबी ऊँट पश्चिमी एशिया के सूखे रेगिस्तान क्षेत्रों के जबकि बैकट्रियन ऊँट मध्य और पूर्व एशिया के मूल निवासी हैं. इसे रेगिस्तान का जहाज भी कहते हैं। यह रेतीले तपते मैदानों में इक्कीस इक्कीस दिन तक बिना पानी पिये चल सकता है। इसका उपयोग सवारी और सामान ढोने के काम आता है।

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