‘ये EVM गड़बड़ी नहीं EVM सेटिंग है’; बैलेट पेपर वाली सीटों पर हारी है भाजपा

December 2, 2017 by No Comments

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद EVM को लेकर बवाल शुरू हो गया है. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पहले ही EVM गड़बड़ी का आरोप लगाया था तो अब समाजवादी पार्टी भी खुल कर EVM के विरोध में आ गयी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ट्वीट करके कहा है कि जहां बैलट पेपर से चुनाव हुआ है वहाँ भाजपा ने कम सीटें जीती हैं जबकि EVM वाले इलाक़ों में ज़्यादा. अखिलेश ने ट्वीट करके कहा है कि भाजपा बैलट पेपर वाले क्षेत्रों में सिर्फ़ 15% सीटें जीत सकी है जबकि जहां EVM से चुनाव हुआ है वहाँ भाजपा ने 46% सीटें जीती हैं.

समाजवादी पार्टी के ही एक और नेता आज़म ख़ान ने भी EVM के मुद्दे को उठाया है. आज़म ने कहा कि EVM गड़बड़ी नहीं है बल्कि EVM सेटिंग है. उन्होंने कहा कि जहां EVM का इस्तेमाल हुआ है वहाँ भाजपा ने चुनाव जीता है और जहां बैलट पेपर से चुनाव हुआ है वहाँ समाजवादी पार्टी चुनाव जीती है. दो बड़ी पार्टियों के गंभीर आरोपों के बाद भी चुनाव आयोग की ओर से कोई बयान नहीं आया है. वहीँ अब इस बारे में भी चर्चा ज़ोरों पर है कि कहीं गुजरात में भी EVM गड़बड़ी ना हो.

मायावती ने भी लगाया आरोप

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस बारे में EVM गड़बड़ी की शिकायत की है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा ईमानदार है तो वो 2019 का लोकसभा चुनाव बैलट पेपर से करा ले. उन्होंने दावा किया कि अगर बैलट पेपर से चुनाव होगा तो भाजपा चुनाव नहीं जीत सकेगी. मायावती ने कहा कि अगर भाजपा अपने को ईमानदार और लोकतान्त्रिक समझती है तो वो बैलट पेपर से चुनाव कराये. इसके पहले कल सहारनपुर के नूरबस्ती की उमीदवार ने ये आरोप लगाया कि उनको उस बूथ पर ज़ीरो वोट मिला जहां उन्होंने और उनके परिवार ने स्वंय को वोट डाला है. शबाना नाम की निर्दलीय उमीदवार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

इसके बाद सोशल मीडिया यूज़र्स इस पर बहस कर रहे हैं कि क्या वाक़ई में EVM धांधली हुई है. इस बहस में भाजपा समर्थक EVM का बचाव करते नज़र आ रहे हैं जबकि विपक्ष के लोग EVM पर ही हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं.हालाँकि EVM गड़बड़ी की ख़बरें चुनाव के दौरान भी आयी थीं जहां कई जगह से ये शिकायतें आयीं कि EVM ठीक से काम नहीं कर रही है. इस बारे में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें एक व्यक्ति वोट दे रहा है बसपा को लेकिन बत्ती भाजपा के आगे की जली. इसके बाद ये भी बहस शुरू हुई कि आख़िर में जब भी EVM में गड़बड़ी होती है तो वोट भाजपा को ही क्यूँ जाता है.

मामला जो भी हो लेकिन अब EVM गड़बड़ी का मामला फिर से तूल पकड़ रहा है और अगर चुनाव आयोग को अपनी साख बनाए रखनी है तो उसे राजनीतिक दलों को यक़ीन दिलाना होगा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है. हालाँकि फ़िलहाल चुनाव आयोग इस मुद्दे ख़ामोशी अख्तियार करे हुए है.

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