इस राजा की रानियों की संख्या जानकार चौंक जायेंगे आप, रात गुजारने के लिए ऐसे लेता था फैसला

September 13, 2021 by No Comments

पुरातन काल में देश में राजाओं का राज हुआ करता था। राजाओं के जीने का तरीका शाही ठाठ बात तो हर कोई ही जानता होगा। यहां तक कि राजा महाराजा एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों शादियां किया करते थे। आज हम आपको एक ऐसे ही राजा के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

जिनकी 50 या 100 नहीं। बल्कि 365 रानियां थी। इस महाराजा का नाम है भूपेंद्र सिंह महाराज। इन के बारे में आज हम आपको कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं। आपको बता दें कि महाराजा भूपेंद्र सिंह ने पंजाब के शहर पटियाला पर राज किया। उन्होंने साल 1980 लेखक 1938 तक पटियाला पर राज किया है।

इस दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले दिए आज भी पटियाला में महाराजा का महल मौजूद है। कहा जाता है कि महाराजा भूपेंद्र सिंह की कुल 365 रानियां थी। जिनके लिए अलग-अलग भव्य महल बनवाए गए थे.

लेकिन सबसे हैरानी जन्म बात यह है कि वह कुछ अलग तरीके से इस बात का फैसला लिया करते थे कि आज उन्हें कौन सी रानी के साथ रात गुजारनी है।बताया जाता है कि जब भी महाराजा भूपेंद्र सिंह को रात गुजारने के लिए अपनी रानी का चयन करना होता था।

तो राजा के महल में कई सारे लालटेन जगाए जाते थे। लेकिन सबसे खास बात यह थी कि अपनी 365 रानियों के लिए वह अलग से लालटेन जलाते थे। इनमें सभी महाराज की सभी रानियों के नाम लिखे जाते थे। वही यह लालटेन रात भर जलती थी और जब सुबह लालटेन सबसे पहले बुझती थी।

उस लालटेन में लिखे नाम को राजा पढ़ते थे और फिर वह उस रानी के साथ आने वाली रात बिताते थे। यह तरीका जानकर आप भी हैरान हो रहे होंगे। लेकिन यही सच्चाई है।

बताया जाता है कि उस वक्त में राजा की सभी रानियां आपस में मिलजुल कर रहा करती थी हालांकि इन सब रानियों के महल अलग-अलग हुआ करते थे लेकिन जब भी राजा चाहते थे तो किसी भी महिला से शादी करो उसे अपनी रानी बना लिया करते थे और किसी भी रानी को इससे एतराज भी नहीं हुआ करता था।

गौरतलब है कि भारत एक ऐसा देश है। जहां पर एक वक्त में राजा महाराजाओं का शासन हुआ करता था। भारत के राजा अपनी प्रजा से जुड़ा हर फैसला लेते थे। कई सदियों तक भारत पर राजा महाराजाओं ने राज किया है।

आज भी उस राज्य की झलकियां कई राज्यों में देखने को मिलती है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज भी राजा महाराजाओं के महल मौजूद हैं। जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश से टूरिस्ट पहुंचते हैं। कई राजघराने आज भी शाही ठाठ बाठ से जीते हैं।

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