RBI रिपोर्ट से खुली अच्छे दिनों की पोल, मनमोहन सरकार से भी बुरा हाल

October 10, 2018 by No Comments

इन दिनों केंद्र की बीजेपी सरकार की समस्याएं ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीजेपी की नयी समस्या का नाम है “कंस्यूमर्स कांफिडेंस सर्वे” । यह सर्वे रिज़र्व बैंक आफ इंडिया यानी आरबीआई द्वारा कराया जाता है। लेकिन इस सर्वे के जो नतीजे सामने आये हैं उससे बीजेपी बिल्कुल ख़ुश नहीं होगी।

नतीजों के मुताबिक इस समय देश में निराशा का माहौल है जो 2013 के सर्वे के मुकाबले मे दो गुने से ज़्यादा बढ़ गया है। यानी अच्छे दिनों की आस लगाए बैठी जनता का हाल और भी बुरा हो गया है।उल्लेखनीय है कि 2013 मे केंद्र मे यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार थी।

2013 के सर्वे मे रोज़गार, नोकरी और उससे जुड़े हालात को लेकर लगभग 29 % सर्वे मे शामिल लोगों का कहना था हालात बेहतर हुए हैं, लगभग 34℅ लोगों का मानना था ,ख़राब हुए हैं, जबकि बाकी लोगों का कहना था कोइ बदलाव नहीं आया है 2018 मे 35℅ लोगों ने माना कि हालात पहले से अच्छे हुए हैं जबकि 45.5% लोगों का मानना है पहले से खराब हुए हैं।

बाक़ी लोगों का मानना है कोई फ़र्क नहीं पड़ा है। अब अगर दोनों सर्वों की तुलना करें तो हालात खराब मानने वालों का प्रतीशत अच्छा मानने वालों से लगभग 5% ज़्यादा था,वहीं 2018 में यह अंतर बढ़कर 11% से ज़्यादा हो गया है। यानी अंतर बढ़कर दो गुना हो गया है।

आमदनी के मामले मे भी बीजेपी सरकार नाकाम होती नज़र आ रही है। 2013 मे सर्वे मे शामिल लोगों मे से लगभग 31 प्रतीशत लोगों ने माना था कि पिछले साल की तुलना मे बढ़ी है और लगभग 15प्रतीशत लोगों ने आमदनी घटने की बात कही थी। 2018 मे लगभग 28 प्रतिशत ने आमदनी बढ़ने की बात कही है और लगभग 23 प्रतिशत ने आमदनी घटने की बात कही है। यानी आमदनी मे बढोतरी मानने वालों की संख्या तो 3 प्रतिशत घटी है लेकिन आमदनी मे कमी मानने वालों की संख्या 8,प्रतिशत बढ़ी है।

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