CBI प्रकरण पर ममता के ‘हम-ले’ से थर्राई भाजपा

October 24, 2018 by No Comments

सीबीआई के डायरेक्टर अलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश असथाना के बीच शुरू हूई ज़बानी जंग अब राजनीतिक गलियारों तक पहुँच गई है। उल्लेखनीय है कि दोनों ने ही एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार ने डायरेक्टर अलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया ।इसके बाद से लगातार राजनीतिक बयान आ रहे हैं।

इसी कड़ी मे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का एक ट्वीट सबका ध्यान अपनी और खीच रहा है। अपने दिलचस्प ट्वीट मे उन्होंने सीबीआई का नाम ही बदल दिया है। उन्होंने बीजेपी पर तंज़ करते हुए सीबीआई का नया नाम बीबीआई यानी भारतीय जनता पार्टी ऑफ़ इंवेस्टिगेशन बताया है। साथ ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

उल्लेखनीय है कि डायरेक्टर अलोक वर्मा को हटाये जाने के बाद से बीजेपी बैक फ़ुट पर है । सभी राजनीतिक दल बीजेपी पर हमला कर रहे है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे बीजेपी के भ्रष्टाचार से जोड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि आलोक वर्मा राफ़ेल डील से जुड़े काग़ज़ात इकट्ठा कर रहे थे इसलिए उन्हें हटाया गया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने बीजेपी राफेलोफोबिया से ग्रस्त बताया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटनाक्रम को राफैल डील से जोड़कर देखा है । उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा ,क्या राफेल डील और आलोक वर्मा को हटाये जाने के बीच कोई संबंध है। क्या वह मोदी जी की समस्या बन गये थे।इस घटनाक्रम के अगर क़ानून पहलू पर बात करें तो मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने आलोक वर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर ली है।

वह शुक्रवार को इस संबंध मे याचिका दायर करेंगे।प्रशांत भूषण का भी मानना है राफेल की जांच से बचने के लिए मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को हटाया हो, ऐसा हो सकता है।उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल दो साल का होगा और सिर्फ सेलेक्शन कमेटी ही सीबीआई डायरेक्टर को हटा सकता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *