पढ़ें चाइल्ड एब्यूज पर आधारित ये कहानी “गुड टच और बैड टच”..

December 22, 2017 by No Comments

“गुड टच और बैड टच”
आठ साल की निम्मी बडी ही प्यारी और समझदार बच्ची थी। मम्मा की हर बात को ध्यान से सुनती और मानती थी।पढ़ने में भी तेज और खूब हँसमुख भी थी। पापा मम्मी उसे बहुत प्यार करते थे ।पापा बिजनेस संभालने के कारण अक्सर देर से घर आते मम्मा घर का सारा काम देखती थी।
उसके घर के बगल में एक और घर था जिसमें एक लगभग पचपन साल का आदमी अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उस घर में अमरूद और जामुन के कई पेड़ लगे थे ।निम्मी कभी कभी वहाँ खेलने जाती तो वो लोग बड़े प्यार से उसे अमरूद या जामुन खिलाते और निम्मी के साथ खेलते। दिखने में भले लोग थे सो निम्मी के घर मे भी किसी को आपत्ति नहीं थी।

वो लोग काफी पैसेवाले थे। एक तीस साल का नौकर उन्होंने रखा हुआ था निम्मी उन लोगों को दादा जी और दादी जी कहा करती थी। वे लोग भी निम्मी को पोती जैसा प्यार देते थे।उनके बच्चे विदेशों में थे और पोते पोतियां भी। इसलिए निम्मी में उन्हें अपनी पोती की झलक मिलती थी और निम्मी को भी उनलोगों के साथ खेलना अच्छा लगता था।उनके अच्छे व्यवहार के कारण मम्मा ने भी निम्मी को उनके घर जाने की छूट दे रखी थी।
निम्मी को उनके नौकर की नजरें बड़ी अजीब लगती थीं। एक दोपहर जब निम्मी दादू दादू बोलते हुए उनके घर गयी तो वहाँ गहरा सन्नाटा था ।दादाजी दादी को डॉक्टर को दिखाने गए हुए थे। नौकर घर में अकेला अपने मोबाइल पर पोर्न मूवी देख रहा था। निम्मी को देखकर उसका मन मचल गया।
उसने तुरंत जाकर घर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और निम्मी को पकड़कर प्यार से चॉकलेट दिखाने लगा फिर निम्मी को उठाकर गोद में बिठाकर उसके सीने और नितंबों पर हाथ चलाने लगा। निम्मी की दर से साँसे अटक गयीं। गर्मी के दिन थे और चारों तरफ भयानक सन्नाटा था।नौकर ने टी वी का वॉल्यूम तेज कर रखा था। शराब भी पी रखी थी और इरादा तो बिल्कुल भी नेक न था।
निम्मी को मम्मा ने गुड़ टच और बैड टच के बारे में बता रखा था और मुसीबत में पड़ने पर क्या करना है इसके लिए भी अच्छे से ट्रेनिंग दे रखी थी ।निम्मी ने जितनी ताकत हो सकती थी उतनी ताकत से अपने लात उस नौकर की जांघों के बीच दो तीन बार कसकर मारा हाय कहता हुआ वो नौकर अपनी दोंनो जांघों को हाथों से दबाता हुआ सोफे से गिर पड़ा।निम्मी ने झट से उस कमरे का दरवाजा बंद किया और खिड़की के पास जाकर पूरी ताकत से “मम्मा!!!! मम्मा!!! हेल्प !!!हेल्प !!!!”चिल्लाने लगी।
हल्ला सुनकर निम्मी की मम्मा और मुहल्ले के कुछ लोग दौड़े तबतक निम्मी ने स्टूल लगाकर और उसपर खड़े होकर मुख्य दरवाजे को भी खोल दिया। लोग पूरी बात सुनकर आग बबूला हो गए और उस नौकर को पकड़कर गदहे से भी बुरी तरह मार मारा गया। जिसे जो मिला उसी से मारा।नाक मुँह से खून का फव्वारा बह निकला। कई लोगो ने उस नौकर के मुँह पर थूक दिया।
फिर अच्छे से उसके बाल मुंडाकर जूतों की माला पहनाकर पूरे मुँह में कालिख पोतकर सड़को पर घुमाया गया और वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर व्हाट्स एप्प और शोशल मीडिया पर तुरंत डाला गया। इसके बाद पुलिस को खबर की गई। पुलिस आयी और पोस्को एक्ट लगाकर उसे पकड़कर ले गयी। अगली सुबह अखबार में समाचार आया कि कल रात पाजामे का फंदा बनाकर हवालात में शर्म के कारण नाबालिग से रेप के आरोपी ने आत्महत्या कर ली…..

इस लघुकथा के लेखक संजीव कुमार हैं