सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ताजमहल में पर्यटक ने पढ़ी नमाज़

November 14, 2018 by No Comments

आगरा: दुनिया के सात अजूबों में शामिल मोहब्बत की निशानी ताजमहल में अब बाहरी नमाजी नमाज़ नहीं पढ़ पाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कुछ महीने पहले यह आदेश दिया कि ये सात अजूबों में शामिल है, यहां नमाज नहीं पढ़ सकते हैं. नमाज किसी और जगह भी पढ़ सकते हैं. आपको बता दें कि स्थानीय नमाजियों ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनके साथ-साथ बाहरी लोगों को भी नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए. बता दे कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद आगरा के ताजमहल में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए एक बार फिर नमाज पढ़ी गई है। दरअसल, नमाजियों ने टिकट लेकर मंगलवार को अंदर प्रवेश किया और अंदर नमाज पढ़नी शुरू कर दी। वहीं सुरक्षा बल मूक दर्शक बने रहे और नमाजियों को नहीं रोक पाए।

बता दें कि मस्जिद ताजमहल इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद इब्राहीम हुसैन जैदी के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के करीब 15-20 लोग दोपहर 2 बजे अलग-अलग टिकट लेकर ताज के अंदर पहुंचे। टिकट होने के कारण न तो सीआइएसएफ इन्हें रोक पाई और न ही एएसआइ। ये लोग अलग-अलग पहुंचकर ताज स्थित मस्जिद में इकट्ठे हुए और चार से पांच के ग्रुप में नमाज अदा की। कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहीम हुसैन जैदी ने उन्हें बताया कि एएसआई से नमाज अदा नहीं करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश मांगा, लेकिन वे आदेश नहीं दिखा सके.

कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का ऐसा कोई आदेश नहीं है, सिर्फ गजट नोटिफिकेशन एएसआई द्वारा किया गया है. सैय्यद इम्तियाज अली ने कहा कि नमाज पढ़ाने के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा इमाम की नियुक्ति भी चली आ रही है. वर्तमान में सैय्यद अली इमाम की हैसियत से नमाज पढ़ाते हैं.वहीं, मामले में सीआईएसएफ का कहना था कि उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं आया है कि सिर्फ शुक्रवार को ही नमाज पढ़ी जाएगी. साथ ही अगर कोई टिकट लेकर प्रवेश करता है तो उसे कैसे रोका जा सकता है. हालांकि वीडियो में एक शख्स उन्हें नमाज पढ़ने से रोकता भी नजर आ रहा है.

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