ट्रेंड #ApologiseRSS: देशभक्ति आरएसएस की राष्ट्रविरोधी विचारधारा को छिपाने का मुखौटा है

February 12, 2018 by No Comments

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर आज #ApologiseRSS हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। ये हैशटैग आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भारतीय सेना के बारे में दिए गए बयान के बाद ट्रेंड हुआ है। इस हैशटैग में सोशल मीडिया यूज़र्स आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को इस बयान के लिए माफ़ी मांगने की मांग कर रहे हैं।

किसी एक संघी का नाम बताओ जो सीमा पर शहीद हुआ हो या उसके परिवार से कोई शहीद हुआ हो। सेना का अपमान करना बंद करों। संघियों का देश को आज़ाद कराने में नहीं ग़ुलाम रखने में योगदान था। सरकार को देश में स्थित आरएसएस की हर शाखा को बैन कर देना चाहिए, चड्डी वाले पूरी पैंट क्या पहनने लगे की आज वो आर्मी से अपनी तुलना करने लगे हैं।

देश में जब से आरएसएस की स्थापना हुई है, ये गद्दार ही रहा है। आरएसएस लोक विरोधी, महिला विरोधी, दलित विरोधी और मुस्लिम विरोधी है। लेकिन बड़े पूंजीपतियों को सेवा प्रदान करता है। भारतीय सेना का अपमान करके, मोहन भागवत ने साबित कर दिया है कि उनकी देशभक्ति सिर्फ उनके राष्ट्रविरोधी विचारधारा को छिपाने का मुखौटा है।

मोहन भागवत ने ऐसा बयान देकर साबित कर दिया है कि राष्ट्रविरोधी कौन है ? आरएसएस भारत पर एक कलंक है, भारतीय ध्वज के लिए उनके दिल में कोई सम्मान नहीं है और अब उन्होंने भारतीय सेना को अपमानित किया है, राष्ट्र का अपमान करना इनके डीएनए में है।

भारतीय सेना के खिलाफ इस तरह का बयान देकर आरएसएस पाकिस्तान को ये बताना चाहती है की हमारी आर्मी जंग के लिए तैयार नहीं है ?मोहन भागवत का बयान बेहद शर्मनाक है, लेकिन अब आरएसएस ‘नागपुर मुख्यालय को भारत-पाक सीमा के पास ट्रांसफर किया जाना चाहिए।

आपको बता दें की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय सेना के बारे में बयान देते हुए कहा है कि जिस चीज के लिए भारतीय सेना 6-7 महीने लेंगे, उसी के लिए आरएसएस तीन दिन में अपने स्वयंसेवकों को तैयार कर देगा। उनके इस बयान के बाद वह विपक्ष के निशाने पर हैं।

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