लेफ़्ट के गढ़ में भाजपा जीत की ओर, मेघालय में कांग्रेस का ज़ोरदार एक्शन

March 3, 2018 by No Comments

त्रिपुरा के रुझान जिस प्रकार से आ रहे हैं वो लेफ्ट के लिए गंभीर है। लेफ्ट का गढ़ कहे जाने वाले त्रिपुरा में सी.पी.एम. हार की ओर है और दक्षिणपंथी भाजपा जीत की ओर है। भाजपा फ़िलहाल 40 सीटों पर आगे है जो कि अपने आप में बहुत बड़ा फ़र्क़ है। सी.पी.एम. की बढ़त यहाँ 18 सीटों पर है जबकि एक सीट अन्य के खाते में जाती नज़र आ रही है।

त्रिपुरा में लेफ्ट के पिछड़ने से जहाँ विपक्ष कमज़ोर होता दिख रहा हूं वहीं मेघालय में कांग्रेस मज़बूत नज़र आ रही है। यहाँ भाजपा बहुत पीछे है और कांग्रेस 23 सीटों पर आगे है। देखा जाए तो तीनों राज्यों के जो रूझान आ रहे हैं उससे भाजपा को बड़ी ख़ुशी त्रिपुरा से ही मिल रही है वहीं कांग्रेस किसी तरह मेघालय में अपनी सरकार क़ायम रखती नज़र आ रही है।

इन चुनावों का यूँ तो विशेष असर लोकसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा। परंतु ये ज़रूर है कि इससे इन राज्यों में अलग अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं के हौसले पर ज़रूर फ़र्क़ पड़ता है। हालांकि दोनों बड़ी पार्टियों, कांग्रेस और भाजपा इन रूझानों से अब तक ख़ुश नज़र आ रही हैं। कांग्रेस ने तो सरकार बनाने के लिए गठबंधन की बातचीत भी शुरू कर दी है। गठबंधन की बातचीत के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल नाथ और अहमद पटेल शिलांग रवाना हो गए हैं। मेघालय में सरकार बनाने को लेकर वो बातचीत करेंगे।

आपको बता दें की त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं। त्रिपुरा की 59 सीटों पर वोटिंग हुई है। चारीलाम सीट से मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबर्मा के निधन की वजह से इस सीट पर 12 मार्च को मतदान होगा। त्रिपुरा में साल 1993 से ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले लेफ्ट की सरकार रही है और पिछले 20 सालों से राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हाथों में है।

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