“ट्रोल की मदद से हिन्दू और मुसलमान के बीच नफ़रत फैलायी जा रही है”

February 19, 2018 by No Comments

ऐसा दावा किया जाता है अल्बर्ट आइंस्टीन ने ये कहा था कि अगर तकनीक ग़लत लोगों के हाथ में आ जायेगी तो ये भयानक होगा। अब ये स्टेटमेंट वाक़ई आइंस्टीन ने दिया था या नहीं ये तो पता नहीं लेकिन आज वो दौर है कि मैं बहुत आसानी से ये बात कह सकता हूँ कि विज्ञान की आधुनिक तकनीक ग़लत लोगों के हाथ पहुंच गई है। आज सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम बन गया है कि जो भी बात आप इस पर करना चाहें कर सकते हैं लेकिन इसका इस्तेमाल सही काम के लिए कम और ग़लत काम के लिए ज़्यादा हो रहा है।

एक दौर था जब सोशल मीडिया पर लोग अच्छी बातें करते थे लेकिन अब सोशल मीडिया पर जिन लोगों का क़ब्ज़ा है वो ट्रोल हैं। जब चाहे जैसी चाहें अफ़वाह उड़ा देते हैं, हिन्दू और मुसलमान के बीच पहले भी कोई कम दुश्मनी तो थी नहीं, अब ट्रोल लोगों की अफ़वाहों ने अब इसमें ज़बरदस्त इज़ाफ़ा कर दिया है। परेशानी तो पहले भी थी लेकिन अब जो हालात हैं, ऐसे पहले नहीं थे। इस तरह खुलेआम एक धर्म के ख़िलाफ़ प्रचार करना और तरह-तरह की बातें उनके लिए कहना…ये सब “न्यू इंडिया” है।

मुहब्बत का एक हिस्सा समझने में लोगों को उम्र लग सकती है लेकिन नफ़रत फैलाने वाले अपना काम कुछ ही मिनट में कर जाते हैं। आजकल तो नफ़रत फैलाने के लिए “गौ-रक्षा” से लेकर “लव-जिहाद” जैसे शब्दों की खोज कर ली गयी है, इन शब्दों के ज़रिए एक समाज में दूसरे के प्रति नफ़रत की भावना डाली जा रही है और ये नफ़रत जिस तरह से लोगों के दिलों में बैठ रही है, मुझे डर है कि इसका परिणाम बहुत भयानक होगा। हिन्दू मुस्लिम एकता में ज़बरदस्त सेंध लग चुकी है और अब ये कब ठीक होगी ये भी नहीं पता।

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अरग़वान रब्बही

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