तुर्की और सऊदी अरब में बिगड़ रही है बात, इस मुद्दे पर..

October 14, 2018 by No Comments

एक वरिष्ट पत्रकार के इस्तांबुल स्थित सऊदी कांसुलेट से कथित रूप से ग़ायब हो जाने के बाद से ही तुर्की और सऊदी अरब के संबंधों में अलग स्थिति देखने को मिल रही है. संयुक्त राज्य अमरीका भी इस मामले में घिरता नज़र आ रहा है. तुर्की सरकार का आरोप है कि सऊदी अरब की सरकार सऊदी वरिष्ट पत्रकार जमाल खाशोग्गी के गुमशुदा होने के बाद से जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है.

तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत जावुसोग्लू ने कहा कि अभी तक सऊदी अरब की ओर से कोई कोऑपरेशन नहीं दिखाई दिया है. आपको बता दें कि जमाल खाशोग्गी वाशिंगटन पोस्ट के लिए भी काम करते हैं और उनका लेखन सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की आलोचना करने वाला रहा है.

ग़ौरतलब है कि वाशिंगटन पोस्ट में काम करने वाले पत्रकार खाशोग्गी के लापता होने के बाद से वैश्विक सियासत गरमा गयी है. इस मामले में तुर्की का आरोप है कि खाशोग्गी सऊदी कांसुलेट में गए थे लेकिन उसके बाद वो बाहर नहीं निकले. तुर्की में सऊदी कांसुलेट के दफ़्तर में खाशोग्गी किसी निजी काम से गए थे लेकिन वहाँ से उनके वापिस निकलने का कोई सुबूत नहीं है.

सऊदी कांसुलेट के अधिकारी कह रहे हैं कि खाशोग्गी कांसुलेट में आये थे और चले गए थे लेकिन इस बात को लेकर वो सुबूत देने में नाकाम नज़र आ रहे हैं. CCTV फ़ुटेज में खाशोग्गी के कांसुलेट के अन्दर जाने का तो फ़ोटो है लेकिन बाहर आने का कोई भी सुबूत नहीं दिखा है.

वरिष्ट पत्रकार के लापता होने के बाद से तुर्की और सऊदी अरब के रिश्तों में तल्ख़पन देखा जा सकता है.इस तरह की ख़बरें भी मीडिया में चली हैं कि खाशोग्गी की हत्-या सऊदी कांसुलेट के अंदर हो चुकी है. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बार बार ये कहा है कि सऊदी कांसुलेट के अन्दर जांच की जायेगी.

इस मामले में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भी लगातार आलोचना हो रही है कि वो “मित्र देश” सऊदी अरब को बचाने की कोशिश में लगे हैं. ट्रम्प ने अपने बयान में कहा था कि मैं इस बारे में चिंतित हूँ, इस बात को सुनना अच्छा नहीं लग रहा है. इस मामले में फ़्रांस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जिस बात की चर्चा हो रही है वो बहुत ही सीरियस है. उन्होंने कहा कि वो वरिष्ट सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने से चिंतित हैं.

French President Emmanuel Macron arrives at the reviewing stand for the Bastille Day military parade in Paris, July 14, 2017. Macron and Trump recognized the continuing strength of the U.S.-France alliance from World War I to today. DoD photo by Navy Petty Officer 2nd Class Dominique Pineiro


आरोप है कि सऊदी सरकार ने उन्हें जान कर अगवा करवाया है. दा वाशिंगटन पोस्ट के कोलौम्निस्ट खाशोग्गी के गुम हो जाने के बाद से ही तुर्की के कुछ मीडिया हाउस में ये ख़बरें चली हैं कि सऊदी कांसुलेट इसके पीछे ज़िम्मेदार है.सऊदी अरब के अधिकारियों ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को निराधार बताया है. २ अक्टूबर को खाशोग्गी सऊदी कांसुलेट किसी निजी काम से गए थे, वो तभी से ग़ायब हैं.

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