तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान ने पाकिस्तान सहित 8 देशों के साथ मिलकर अमेरिका के खि’लाफ उठाया ये बड़ा कदम…

April 10, 2021 by No Comments

तुर्की राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने अमेरिका के खि’लाफ ऐसा कदम उठाया है जिससे अमरीका की हालत पतली हो सकती है आपको बता दें तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान कई सालों से मेहनत कर रहे हैं मुस्लिम विकसित देश व्यापार के लिए अपनी स्थाई मुद्रा को वरीयता देने की कोशिश करें ना कि अमेरिकी डालर में लेनदेन करें इसको सामने रखकर तुर्की ने दुनिया के आठ विकसित देशों के साथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय मुद्रा में व्यापार मुद्रा के मूल्य में असा’धारण उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

तुर्की राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने कहा कि अमेरिकी डालर में व्यापार से दुनिया के अक्सर देश की करेंसी दबाव के शि’कार हैं जिसकी वजह से उनके देश की करेंसी अक्सर उतार-चढ़ाव के शि’कार रहती है उन्होंने D 8 देशों से तुर्की के साथ व्यापार के लिए स्थानीय मुद्रा का उपयोग करने का आह्वान किया है ताकि अमेरिकी डालर में दुनिया के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके उन्होंने कहा यह हम 2017 से लगातार बात करते आ रहे हैं।

उन्होंने कहा व्यापार में हमें अपनी करेंसी को इस्तेमाल करनी चाहिए ताकि मंदी से बचा जा सके और करेंसी की मुद्रा में उतार-चढ़ाव को रोका जा सके उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में आर्थिक और वित्तीय संकटों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार के महत्व को और बढ़ा दिया है वह यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने विश्व व्यापार में अमेरिकी डालर के प्रभाव को समाप्त करने का आह्वान भी कर डाला।

तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान ने कहा कि अमेरिकी डालर में व्यापार करने से दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा दिया है आसानी की जगह मुश्कि’लें बढ़ती जा रही हैं आपको बता दें मुस्लिम दुनिया के D8 संगठन की स्थापना जून 1997 में तत्कालीन तुर्की के प्रधानमंत्री नजमुद्दीन अर्बकान के प्रस्ताव पर की गई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्लिम देशों को अपनी मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए डी 8 देशों में इंडोनेशिया, बांग्लादेश, मिश्र, ईरान, मलेशिया, नाइजीरिया पाकिस्तान, और तुर्की, शामिल है

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