We The Women में पहुंची ट्विंकल खन्ना ने कहा Mensturation शर्म की बात नहीं, दी नेताओं को सेनेटरी पैड पहनने की चुनौती

December 13, 2017 by No Comments

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री टि्वंकल खन्ना पैडमैन के नाम से मशहूर अरुणाचलम मुरुगंथम के साथ मुंबई के महबूब स्टूडियो में हुए We The Women कार्यक्रम में पहुंची। अरुणाचलम मुरुगंथम वह शख्स हैं, जिन्होंने कम लागत वाले सैनिटरी पैड बनाने की मशीन का आविष्कार किया है। इसके साथ उन्होंने रूरल इलाकों में महिलाओं में माहवारी के वक़्त में सैनिटेशन के मुद्दे पर जागरूकता जगाने का काम किया।
इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सेनेटरी पैड बनाने वाली मशीन को बनाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। इस दौरान उनके परिवार ने उनका काफी विरोध भी किया। यहाँ तक तक की उनकी पत्नी ने भी उन्हें छोड़ दिया था। क्यूंकि तब महिलायें इस बारे में बात करना पाप की तरह समझती थी।
इसपर ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि इस समाज में महिलायें माहवारी के बारे में बात नहीं करती हैं। इसे छिपाया जाता है, क्यूंकि परंपरागत चले आ रहे कथित कारणों की वजह से माहवारी को एक गंदे तरीके में देखा जाता है। इस दौरान महिलाओं को सबसे दूर रखा जाता है, मंदिर जाने से मना कर देना, खाना न देना।

अपने घर की महिलाओं के साथ परायों जैसा बर्ताव किया जाता है। महिलायें खुद माहवारी को गंदा मानती है, इसलिए इस पर बात नहीं की जाती। इसके साथ बात हुई की दुकानों में हम जब भी सेनेटरी पैड खरीदने जाते हैं तो उसे काले लिफाफे में लपेट कर क्यों दिया जाता है। इसमें इतनी शर्म की क्या बात है ? ये महिलाओं के शरीर से जुड़ा एक नेचुरल प्रोसेस है, जिससे हमें शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिए।

इसपर आज भी महिलायें खुलकर बात नहीं करती हैं। लेकिन जबतक इस मामले में महिलाएं खुलकर सामने नहीं आएगी। समाज में बदलाव नहीं आएगा। जबकि इसी के कारण मानव प्रजाति आगे बढ़ रही है। इसलिए न तो ये गन्दी या शर्म की बात है और न ही हमें इसके लिए शर्मिन्दा होने की जरुरत है।
इस बातचीत से सामने आया कि आज भी देश की 90 प्रतिशत महिलायें सेनेटरी पैड इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। क्यूंकि वह इसे खरीदने में समर्थ नहीं हैं। इसपर ट्विंकल ने बताया कि अरुणचलम मुरुगंथम की लाइफ पर एक फिल्म बना रही है। जिसका नाम है पैडमैन। इसे बनाने के पीछे ट्विंकल का मकसद है कि कम से कम से इस मामले में लडकियां और महिलायें और ये समाज खुलकर बात करना तो शुरू करे।

लडकियां ये कह सकें की उन्हें मुंह पर लगाने की क्रीम की जगह सेनेटरी नैपकिन खरीद कर दे। अरुणाचलम ने बताया कि उनके पिता की मौत स्कूल ड्रापआउट हैं, उनके दिमाग में ये मशीन बनाने का आईडिया उनकी पत्नी को देखकर आया। जोकि आज ग्लोबल हो गया है। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण और पैसों की कमी के कारण वह सेनेटरी नैपकिन उसे नहीं करती थी।

मैंने ही पहली बार गाँव से 14 किलोमीटर साइकिल का सफर कर उन्हें लाकर दिया। जोकि मुझे भी काफी महंगा लगा। इसके बाद मैंने सस्ते सेनेटरी नैपकिन बनाने की तरकीब पर काम करना शुरू किया। समाज में महिलाओं के लिए किये गए इस काम के लिए उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

मुरुगंथम ने बताया कि माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली दिक्कतों का पता लगाने के लिए उन्होंने कई दिनों तक खुद इसका इस्तेमाल किया था। गौरतलब है कि हाल ही में ट्विंकल खन्ना ने सेनेटरी पैड पर सरकार द्वारा लगाए गए जीएसटी पर उन्हें घेरा था। यहाँ भी ट्विंकल और मुरुगंथम ने सरकार का इस फैसले के लिए विरोध किया।
इस दौरान ट्विंकल ने पुरुष राजनेताओं को एक कार्यक्रम में पुरुष नेताओं को एक दिन के लिए सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने की चुनौती दे डाली। ट्विंकल ने चुनौती देते हुए कहा है कि अगर राजनेता सिर्फ एक दिन के लिए भी सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल कर लेंगे तो पैड हर जगह आसानी से उपलब्ध होने लगेगा।

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