UP की इस सीट पर कांग्रेस का मुस्लिम उम्मीद'वार भी नहीं बिगाड़ पाएगा बसपा का खेल, क'ड़ा

April 21, 2019 by No Comments

लोकसभा चुनाव को लेकर हम आज बात करने जा रहे हैं देवरिया लोकसभा सीट की. इस लोकसभा सीट से 2014 में कलराज मिश्र चुनाव जी’ते थे लेकिन इस बार भाजपा ने रमापति राम त्रिपाठी को टिकट दिया है. रमापति राम त्रिपाठी हाल ही में जूता काण्ड से सुर्ख़ियों में शरद त्रिपाठी के पिता हैं. हाल ही में भाजपा नेता शरद त्रिपाठी ने अपनी ही पार्टी के एक विधायक को जूतों से पीटा था. शरद त्रिपाठी को तो इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया लेकिन उनके पिता को टिकट दे दिया गया.
देवरिया लोकसभा सीट पर महागठबंधन की ओर से बहुजन समाज पार्टी के बिनोद कुमार जैसवाल प्रत्याशी हैं. इसके अलावा कांग्रेस के नियाज़ अहमद ख़ान भी अपनी क़िस्मत आज़माने को तैयार हैं. ज़मीन से जो ख़बरें मिल रही हैं अगर उनको समझने की कोशिश करें तो इस बार भाजपा के लिए राह कठिन है. इस बात की वजह ये है कि महागठबंधन होने की वजह से दलित, यादव और बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट बसपा को मिलता दिख रहा है वहीँ कांग्रेस के नियाज़ अहमद किसी प्रकार का प्रभाव छोड़ते नज़र नहीं आ रहे हैं.

रमापति राम त्रिपाठी भी इस बात को समझ रहे हैं कि उनका मुक़ाबला बसपा से सीधा है लेकिन वो उम्मीद कर रहे हैं कि नियाज़ अहमद अगर चुनाव अच्छा ल’ड़ जाते हैं तो बसपा के लिए मुश्किल हो जायेगी. हालाँकि क्षेत्रीय जानकार मानते हैं कि बनिया वोट भी बसपा के पक्ष में गिरता हुआ दिख रहा है वहीँ ब्राह्मण समाज का वोट रमापति राम त्रिपाठी को बड़ी संख्या में मिलने की उम्मीद है.
चार बड़े तबक़ों का वोट बसपा के पक्ष में आने से बसपा की स्थिति यहाँ मज़बूत है लेकिन रमापति राम त्रिपाठी को ग़ैर-यादव ओबीसी वोट मिलने की उम्मीद है. इस तरह से देखा जाए तो मुक़ाबला क़रीबी हो सकता है लेकिन पलड़ा अभी तो महागठबंधन का ही भारी लग रहा है.

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