इस मुस्लिम देश के ख़िलाफ़ सभी अरब देशों को भड़का रहा है अमरीका

September 29, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस कोशिश में हैं कि एक “अरब नाटो” बनाया जाए. अमरीकी राष्ट्रपति के इस क़दम से साफ़ हो गया है कि वो ईरान के ख़िलाफ़ सभी अरब देशों को एकजुट करना चाहते हैं. जानकार मानते हैं कि उनका मक़सद ईरान में अस्थिरता लाने का है. इसको लेकर उनकी देश में भी आलोचना शुरू हो गयी है.

अमरीकी एडमिनिस्ट्रेशन ये चाहता है कि सऊदी अरब के नेतृत्व में मिस्र, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, क़तर, और UAE एक ऐसा समूह बना लें जिसके बाद ईरान इस पूरे क्षेत्र में अकेला पड़ जाए. सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट माइक पोम्पो ने इस बारे में इन देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात की. स्टेट डिपार्टमेंट ने इस बारे में कहा कि ईरान से जो ख़तरे आ रहे हैं उस हिसाब से ये सोचा गया है कि मिडिल ईस्ट में एक स्ट्रेटेजिक अलायन्स का निर्माण हो.

ईरान पर इज़राइल और अमरीका ऐसे आरोप लगा रहे हैं कि ईरान के पास में ख़तरनाक हथियार हैं. इस दावे पर ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावेद ज़रीफ़ ने कहा कि किसी कला या क्राफ्ट शो में ये कभी नहीं बताया जाएगा कि हमारे क्षेत्र में इज़राइल ही एकमात्र देश है जिसके पास “सीक्रेट” और “अनडिक्लेयर्ड” एटॉमिक हथियार का प्रोग्राम है.उन्होंने कहा कि बेशर्म इज़राइल की औक़ात नहीं कि वो कहे कि ईरान के पास ऐसी कोई योजना है क्यूँकि इसी के पास नुक्लेअर वेपन हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के एटॉमिक पॉवर प्रोग्राम को IAEA ने कई बार पीसफुल का सर्टिफिकेट दिया है.

जानकार मानते हैं कि इज़राइल और अमरीका दोनों मिलकर ईरान पर दबाव बनाना चाहते हैं और उसे अलग-थलग कर देना चाहते हैं. ईरान हालाँकि कहीं से भी इस दबाव में आता नहीं दिख रहा है.

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