फिर इस देश ने अमरीका को दी धमकी, ‘हमारे द्वीपों से दूर रहें’

November 10, 2018 by No Comments

वाशिंगटन : यह बात जग ज़ाहिर है कि चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते मधुर नहीं हैं। सोवियत संघ के विघटन के बाद से जो देश अमेरिका को सबसे ज़्यादा चुभता है वह शायद चीन ही है। उधर चीन भी खुद को एशिया के सुपर पावर के रुप मे देखता है ऐसे मे दोनों देशों के बीच अक़्सर तनाव पैदा हो जाना स्वभाविक है।यह तनाव एक बार फ़िर देखने को मिला जब शनिवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में चीन ने अमेरिका से दो साफ़ साफ़ कह दिया कि अमेरिका दक्षिण चीन सागर में उन द्वीपों के निकट पोत तथा सैन्य विमान भेजना बंद करे जो चीनी प्रभुत्व मे हैं।

उल्लेखनीय है कि नवंबर माह के आखिर मे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच मुलाकात होनी है ।यह बैठक उसी की तैयारी के रूप मे देखी जा रही है। चीन के ऐतराज के बाद अमेरिका ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है ।अमेरिका का कहना है कि जहां कहीं भी अंतरराष्ट्रीय कानून इजाजत देंगे वह विमान और पोत भेजना और उन स्थानों तक अपनी पहुंच जारी रखेगा। आप को बता दें सितंबर माह में अमेरिका और चीन के पोत एक विवादित द्वीप के निकट टकराने से बचे थे। यह आरोप प्रत्यारोप उसी का नतीजा हैं।

हालांकि इस बैठक में गहरे मतभेद के बाद भी दोनों देशों ने तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया है। जहाँ एक और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका सुनिश्चित करना चाहता हैं कि दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए चीन जिम्मेदाराना और निष्पक्ष रवैया हो । वही चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंघे ने एशिया प्रशांत में दो विश्व शक्तियों के बीच टकराव के खतरे को रोकने के लिए अमेरिका और चीन की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है। चीन के रक्षा मंत्री ने अन्य क्षेत्रों मे सहयोग की ज़रूरत पर भी बल दिया है।

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