राजस्थान में क्यूँ घबरायीं हैं वसुंधरा राजे? जानिया क्या है भाजपा की रणनीति

March 8, 2018 by No Comments

राजस्थान में इस वर्ष के अंत में चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने कैम्प को मज़बूत करने में लगे हैं। भाजपा नेता लेकिन निराशा में हैं। राजस्थान में हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा की ज़बरदस्त हार हुई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार के ख़िलाफ़ जनता के ग़ुस्से का आलम इन सीटों पर ये रहा कि पार्टी ने यहाँ लोकसभा उपचुनाव भी हारे और विधानसभा उपचुनाव भी। इतना ही नहीं लोकसभा में आने वाली विधानसभा सीटों में से एक पर भी भाजपा को जीत हासिल नहीं हुई। पार्टी की इस परफॉरमेंस से भाजपा नेता परेशान हैं।

ऐसा माना जाता है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दूसरे को पसंद नहीं करते और पिछले कुछ सालों में वसुंधरा राजे और मोदी एक मंच पर साथ आने से बचते रहे हैं। वसुंधरा लेकिन अब कांग्रेस उदय से घबरा गई हैं और इस कारण वो अब मोदी के साथ मंच साझा कर रही हैं। भाजपा नेता मानते हैं कि अगर इस बार भाजपा की नैया कोई पार लगा सकता है तो वो मोदी ही हैं. दूसरी तरफ़ कांग्रेस उपचुनावों की जीत से गदगद है और ऐसा मान रही है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में उसका पलड़ा भारी है.

कांग्रेस में अब आंतरिक कलह भी कम हो गयी है और ऐसा लगता है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच इस बात को लेकर कोई लड़ाई नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन बने. राजस्थान में कांग्रेस के मज़बूत होने का फ़ायदा पार्टी को मध्य प्रदेश में भी मिलेगा. इसके अलावा इन दोनों राज्यों के चुनावों को लोकसभा से पहले सेमी फाइनल माना जा रहा है. इसकी वज्जः ये है कि यहाँ कोई क्षेत्रीय पार्टियां नहीं लड़ रही हैं बल्कि दोनों ओर से कांग्रेस का सीधा मुक़ाबला भाजपा से है.

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