#MeToo बला-त-कारी ‘संस्कारी’ आलोक नाथ?, विनता नंदा ने कहा- शर्म तो उसे आनी चाहिए

October 9, 2018 by No Comments

लेखक और प्रोडूसर विनता नंदा ने आज प्रेस को संबोधित करके उनके द्वारा आलोक नाथ पर लगाए गए आरोपों पर बात रखी. उन्होंने कहा कि जब 2003, 2004, और 2005 में जब इस बारे में मैंने लिखा था तो भी आलोक नाथ ने इसको deny नहीं किया था..अब तो मैं निडर महसूस कर रही हूँ, वो डर रहा है.

उन्होंने कहा कि मैं आज शाम को सलाहकारों से मिलूंगी और कल तक मैं अपने आगे के क़दम के बारे में फ़ैसला लूंगी. उन्होंने कहा कि मुझे किसी बात की शर्म नहीं, शर्म तो उसे आनी चाहिए. आपको बता दें कि विनता ने एक फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए आलोक नाथ पर उनका बलात्-कार करने का आरोप लगाया था.

अपनी पोस्ट में उन्होंने आलोक नाथ का नाम नहीं लिखा बस ये कहा वो ‘संस्कारी’ माना जाता है. बाद में जब एक समाचार एजेंसी ने उनसे नाम पूछा तो उन्होंने आलोक नाथ का नाम लिया. लेखिका और निर्माता विनता नंदा ने अभिनेता अलोक नाथ पर रेप का आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था, लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए मुआफ़ कर दिया जाता था।

1990 के दशक में मशहूर शो ‘तारा’ की निर्माता और लेखिका विनता ने लिखा,”मैंने इस क्षण के आने का 19 साल से इंतजार किया।” नंदा लिखती हैं, “वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था, लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था, बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे।उन्होंने कहा कि उसने शो की मुख्य अभिनेत्री को भी परेशान किया, जो उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाती थी।

अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुईं और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं। उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था।नंदा ने कहा, “मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी। रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा। मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई।”

नंदा ने कहा, “इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है। मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी। मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था, बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था।”उन्होंने कहा, “मैं अपने बिस्तर से उठ नहीं सकी। मैंनै अपने कुछ दोस्तों को इस बारे में बताया लेकिन सभी ने मुझे इस घटना को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी।”

उन्होंने बताया कि उन्हें बाद में एक नई सिरीज़ में लिखने का मौक़ा मिला और फिर उनका सामना आलोक नाथ से हो गया। वह उन्हें फिर परेशान करने लगे, जिसके चलते नंदा ने निर्माताओं से कहा कि वह निर्देशन नहीं कर पाएंगी, हालांकि उन्होंने शो के लिए लिखना जारी रखा।नंदा ने बताया कि नई सीरीज पर काम करने के दौरान फिर अभिनेता ने उन्हें अपने घर बुलाया और वह फिर से वो सब झेलने के लिए उनके पास चली गई, क्योंकि उन्हें काम और पैसे की जरूरत थी।
हैशटैग मीटू मूवमेंट की वजह से ही नंदा प्रेरित हुईं और अपनी बात कहने के लिए आगे आई हैं. उन्होंने अपील की है कि और लोग भी सामने आएँ.

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