वरिष्ट पत्रकार ने खोली वसीम रिज़वी की पोल- ‘अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में रिज़वी ने भगवान् राम की तौहीन की है’

October 4, 2018 by No Comments

अटल, आडवाणी, जोशी, तोगड़िया, उमा भारती समेत सैंकड़ों ऐसे नेता हैं जिन्होंने हमेशा राम मंदिर का राग अलापा आन्दोलन भी किया वह आंदोलन हिंसक भी हुआ और उसमें इंसानों की जानें भी गईं। उसके बावजूद इनमें से किसी एक ने भी यह दावा नही किया कि उनके सपने में राम आए थे। लेकिन बड़ी अजीब बात है कि साल भर पहले ही अपनी कुर्सी बचाने के लालच में नये-नये ‘राम भक्त’ बने वसीम रिज़वी के ख्वाब में राम आते हैं।

हैरानी यह कि राम भी रोते हुए उनके ख्व़ाब में आते हैं। उनके मुताबिक़ राम परेशान हैं, रो रहे हैं कि उनका मंदिर नहीं बनने दिया जा रहा है। सवाल वसीम रिज़वी के ख्वाब पर ही क्या भगवान राम इतने कमजोर हैं कि वे एक ऐसे शख्स़ के सामने रोएंगे जिसने वक्फ के मामलो में करोड़ों की हेराफेरी कर रखी है ? जो भ्रष्टाचारी है। वसीम रिज़वी का ऐसा बेहूदा दावा उन लोगों के लिये जरूर खुशी देता होगा जिन्होंने राम के नाम पर खून बहाया है। मगर जिन्होंने राम में अपनी आस्था जताई, राम को भगवान माना, राम की भक्ती की, राम के मंदिर बनाए, सीता को मां माना, और राम को मर्यादा पुरुषोत्तम माना, उन आस्थावान लोगों की आस्था पर वसीम रिजवी ने चोट पहुंचाई है।

यह चोट उनके उस कथन से पहुंची है कि भगवान राम उनके सपने में दुःखी नजर आये, रोत हुए नज़र आये वग़ैरा, जिस राम ने हँसते-हँसते वनवास स्वीकार कर लिया और उफ़्फ़ तक न की, क्या वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम इतने कमज़ोर नहीं कि वसीम रिज़वी जैसे महत्तवकांक्षी लोगों के सपने में आकर रोएं। क़ायदे में वसीम रिज़वी के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाऐं आहत करने के मुक़दमा दर्ज होना चाहिये और उन्हें जेल में डाला जाना चाहिये, इन्होंने उस भगवान राम की तौहीन की है जो करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र हैं।

(ये आलेख वसीम अकरम त्यागी की फ़ेसबुक वाल से लिया गया है, इसमें प्रदर्शित विचार उनके अपने हैं)

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